Operation Gandiv: पहलागाम हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतियों को और सशक्त बनाया है. इसी कड़ी में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो एक बार फिर देश की सुरक्षा की चौकसी बढ़ाने और आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं. 3 और 4 अक्टूबर की रात को पूरे देश में एक साथ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गांडीव’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है.
‘ऑपरेशन गांडीव’ NSG की एक अनूठी राष्ट्रव्यापी काउंटर-टेरर एक्सरसाइज है, जिसका नाम महाभारत के अर्जुन के धनुष ‘गांडीव’ से प्रेरित है. यह अभ्यास देश की संकट प्रबंधन क्षमता का आकलन करने और उसे और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से किया जाता है. इस अभ्यास में न केवल आतंकवादी हमलों का मुकाबला किया गया, बल्कि असंभव माने जाने वाले खतरनाक परिस्थितियों में भी तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया.
किस-किस जगह हुआ अभ्यास?
इस बार ऑपरेशन गांडीव को चार प्रमुख शहरों में एक साथ अंजाम दिया गया:
क्यों है यह ड्रिल खास?
ऑपरेशन गांडीव का खास पहलू यह है कि इसमें आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हर संभव परिस्थिति का अभ्यास किया गया:
इन अभ्यासों के जरिए NSG ने यह साबित कर दिया कि भारत की सुरक्षा बल हर स्थिति में तत्पर और सक्षम हैं.
भारत का आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश
ऑपरेशन गांडीव ने साफ कर दिया कि भारत के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो सिर्फ एक सेना की इकाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत और भरोसेमंद ‘क्राइसिस रिस्पॉन्स टीम’ हैं. यह अभ्यास न केवल सुरक्षा बलों को तैयार करता है, बल्कि आम जनता में भी एक विश्वास पैदा करता है कि भारत की सुरक्षा में कोई कमी नहीं होगी.
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