Odisha: सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में मिली बड़ी सफलता, माओवादी नेता गणेश उइके समेत चार का एनकाउंटर

Maoist leader Ganesh Uike Encounter: ओडिशा में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. कंधमाल जिले के जंगलों में हुई एक मुठभेड़ में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शीर्ष माओवादी नेता गणेश उइके को मार गिराया है.

Odisha Security forces success anti-Naxal operation encounter of Maoist leader Ganesh Uike
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Maoist leader Ganesh Uike Encounter: ओडिशा में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. कंधमाल जिले के जंगलों में हुई एक मुठभेड़ में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शीर्ष माओवादी नेता गणेश उइके को मार गिराया है. उसके साथ इस कार्रवाई में तीन अन्य माओवादी भी ढेर किए गए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल बताई जा रही हैं. यह मुठभेड़ गुरुवार को चकापाड़ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में हुई.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से माओवादियों की मौजूदगी को लेकर पुख्ता जानकारी मिली थी. इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान शुरू किया. जब जवान जंगल के भीतर तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चारों माओवादी मारे गए. मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, ताकि किसी अन्य नक्सली की मौजूदगी की आशंका को खत्म किया जा सके.

कौन था गणेश उइके

मारा गया माओवादी नेता गणेश उइके सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में संगठन का शीर्ष चेहरा माना जाता था. सरकार ने उस पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. 69 वर्षीय गणेश उइके तेलंगाना के नालगोंडा जिले के चेंदूर मंडल स्थित पुललेमाला गांव का रहने वाला था. संगठन के भीतर वह पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी, चमरू और रूपा जैसे कई नामों से भी जाना जाता था.

कई राज्यों में सक्रिय रहा

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गणेश उइके लंबे समय से ओडिशा में सक्रिय था और उसे राज्य में माओवादी गतिविधियों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके साथ ही वह छत्तीसगढ़ समेत अन्य इलाकों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था. बताया जा रहा है कि वह साउथ सब-ज़ोनल कमांडर था और करीब 7 राज्यों में उसकी तलाश की जा रही थी. उसके मारे जाने को माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

बाकी माओवादियों की पहचान जारी

मुठभेड़ में मारे गए अन्य तीन माओवादियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस का कहना है कि उनकी पहचान और संगठन में भूमिका का पता लगाया जा रहा है. घटनास्थल से हथियार और अन्य सामग्री बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है.

सरकार ने बताया बड़ी उपलब्धि

इस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में बड़ी सफलता बताया है. मंत्रालय ने कहा कि कंधमाल में हुए इस बड़े ऑपरेशन में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत कई नक्सली मारे गए हैं और इससे ओडिशा नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच गया है.

सरकार ने दोहराया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. कुल मिलाकर, कंधमाल में हुई यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियानों के लिहाज से अहम मानी जा रही है और इससे पूर्वी भारत में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.

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