Ooty Snowfall: ऊटी में जम गई बर्फ की मोटी परत, उमड़ी पर्यटकों की भीड़, -1°C पहुंचा पारा, देखें Video

दक्षिण भारत के लोकप्रिय हिल स्टेशन ऊटी में इस सर्दी का असर अब पूरी तरह दिखने लगा है.

Ooty Snowfall Temperature reached in minus photos-video
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Ooty Snowfall: दक्षिण भारत के लोकप्रिय हिल स्टेशन ऊटी में इस सर्दी का असर अब पूरी तरह दिखने लगा है. पिछले कुछ दिनों से तापमान में आई अचानक गिरावट ने नीलगिरी की हरियाली को पूरी तरह बदल दिया है. थलाईकुंडा और आसपास के इलाकों में पारा जमाव बिंदु से नीचे पहुंच गया है और मैदानों पर सफेद बर्फ जैसी परत बिछ गई है, जिससे यह इलाका किसी ‘विंटर वंडरलैंड’ जैसा नजर आ रहा है.

स्थानीय मौसम रिपोर्टों के अनुसार, ऊटी के थलाईकुंडा इलाके में तापमान -1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है. आसपास के क्षेत्रों में पारा लगभग 0.1 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. पिछले 10 दिनों में यह अचानक गिरावट पूरे जिले में पाला पड़ने का कारण बनी. ऊटी गवर्नमेंट बॉटनिकल गार्डन, कांथल और थलाईकुंडा-एवलांच मार्ग जैसे इलाकों में सफेद परतें देखी गई हैं, जो दर्शाती हैं कि प्राकृतिक दृश्य पूरी तरह से बर्फीली दुनिया में बदल गया है.

सैलानियों का उत्साह

कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटकों की उत्सुकता कम नहीं हुई है. तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक सहित आसपास के राज्यों से सैकड़ों पर्यटक थलाईकुंडा पहुंच रहे हैं ताकि इस दुर्लभ दृश्य का आनंद ले सकें. बुधवार को गाड़ियां बर्फीली सतह पर खड़ी दिखीं, और कई पर्यटक हाथ में बर्फ लेकर खेलते हुए नजर आए.

स्थानीय निवासी कृतिका ने कहा, "मैंने पिछले चार साल में इस तरह का पाला कभी नहीं देखा. यह अनुभव हमारे लिए बेहद खास है." वहीं एक पर्यटक ने बताया, "हम सुबह 5 बजे निकले और 6 बजे पहुंचते ही तापमान माइनस में था. यह दृश्य पूरी तरह मन को रोमांचित कर देने वाला है."

सोशल मीडिया पर वायरल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऊटी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोगों ने इस दृश्य को 'रीढ़ की हड्डी में सिहरन पैदा करने वाला' बताया. हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह बर्फबारी नहीं है, बल्कि जमीनी सतह पर मौजूद जलवाष्प का जमना है. दक्षिण भारत के हिल स्टेशनों में आमतौर पर प्राकृतिक बर्फबारी नहीं होती, ऐसे में पाले या जमा बर्फ से ही यह दृश्य बनता है.

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

बढ़ती ठंड और फिसलन को देखते हुए तमिलनाडु वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाए हैं. कामराज सागर बांध के पास मैदानी इलाकों में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. इसके अलावा, कई व्यू-पॉइंट्स पर भी सैलानियों को जाने से मना किया गया. देर रात या तड़के सुबह पहुंचने वाले पर्यटक केवल सड़क किनारे से ही बर्फीले दृश्य की तस्वीरें ले पाए.

हालांकि ठंड और पाले ने पर्यटन का आकर्षण बढ़ाया है, प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा प्राथमिकता है. सड़कें फिसलन भरी हैं, और गलती से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है. इसके बावजूद, थलाईकुंडा और ऊटी के आसपास के इलाके इस समय सैलानियों के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में से एक बन गए हैं.

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