ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के रुख के प्रति अपनी स्पष्ट समर्थन पुनः जताया है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत के अधीन होना चाहिए और इस विषय पर उनका रुख तीन दशक पुराना है. सांसद ने विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा घाटी के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जे की निंदा की और आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ भारत का समर्थन किया.
कश्मीर मुद्दे पर लंबे समय से सक्रिय
संवैधानिक क्लब, जयपुर में आयोजित एक हाई-टी कार्यक्रम में बोलते हुए ब्लैकमैन ने कहा कि उनका जम्मू-कश्मीर के बारे में रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2019 में लिए गए फैसले से उत्पन्न नहीं हुआ. उनके अनुसार, यह रुख 1990 के दशक की शुरुआत में हुई घटनाओं से जुड़ा हुआ है.
उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनके खिलाफ हुई हिंसा का जिक्र करते हुए बताया कि उसी समय से उन्होंने इस विषय पर अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी थी. ब्लैकमैन ने कहा, “कश्मीरी पंडितों को उनके धर्म और पहचान के कारण उनके पैतृक घरों से निकाला गया. मैंने 1992 में इस अन्याय के खिलाफ जनसभा आयोजित की थी और अनुच्छेद 370 को हटाने की मांग की थी.”