अब उड़ेगी नेतन्याहू की नींद! लपेटे में आएगा अमेरिका, ईरान ने शुरू किया ऑपरेशन मोसाद

मध्य-पूर्व एक बार फिर तनाव की चपेट में है. ईरान और इजराइल के बीच छिपी हुई जंग अब सतह पर आने को तैयार दिख रही है. संघर्ष विराम की डोर अगर टूटी, तो इस बार ईरान ने पहले से ही मोर्चे पर डट जाने की रणनीति बना ली है और इसकी शुरुआत हो चुकी है दो बड़े कदमों से मोसाद के नेटवर्क की सफाई और होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य जाल बिछाना.

Operation Mosad started by iran israel and america in fear
Image Source: Social Media

मध्य-पूर्व एक बार फिर तनाव की चपेट में है. ईरान और इजराइल के बीच छिपी हुई जंग अब सतह पर आने को तैयार दिख रही है. संघर्ष विराम की डोर अगर टूटी, तो इस बार ईरान ने पहले से ही मोर्चे पर डट जाने की रणनीति बना ली है और इसकी शुरुआत हो चुकी है दो बड़े कदमों से मोसाद के नेटवर्क की सफाई और होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य जाल बिछाना.

देश के भीतर दुश्मन की तलाश: मोसाद का नेटवर्क निशाने पर

ईरान ने सबसे पहले अपने ही देश में सक्रिय मोसाद के जासूसी तंत्र को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया है. देशभर में खुफिया सर्च ऑपरेशन चल रहा है और एक ही दिन में 50 से अधिक संदिग्ध गिरफ्तार किए जा चुके हैं. सुरक्षा एजेंसियों को पक्के संकेत मिले हैं कि मोसाद लंबे समय से ईरान की जमीनी और समुद्री सीमाओं पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका था — अब ईरान इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर अड़ा है.

समंदर में तैयार हो रहा है दूसरा युद्ध मोर्चा

मोसाद को जड़ से उखाड़ने के साथ-साथ, ईरान ने समंदर में भी एक बड़ा खेल शुरू कर दिया है. फारस की खाड़ी से सटे होर्मुज स्ट्रेट को "डेंजर ज़ोन" में तब्दील करने की योजना बनाई गई है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की नौसेना ने समुद्री माइन्स (बारूदी सुरंगें) तैयार कर दी हैं और उन्हें होर्मुज की ओर रवाना कर दिया गया है. लक्ष्य साफ है — अगर युद्ध छिड़ा, तो इस रणनीतिक जलमार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.

अमेरिका की सख्त निगाहें और जवाबी तैयारी

ईरान की गतिविधियों पर अमेरिका की पैनी नजर है. अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS Carl Vinson अरब सागर के रास्ते ईरान की सीमा तक पहुंच चुका है. इस एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ दो डिस्ट्रॉयर जहाज़ भी तैनात हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में कार्रवाई के लिए तैयार हैं. अमेरिका आशंका जता चुका है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकता है — और इससे वैश्विक तेल बाजार में भूचाल आ सकता है.

होर्मुज: दुनिया की ऊर्जा नाड़ी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद संकीर्ण समुद्री मार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. यहां से दुनिया के करीब 30% कच्चे तेल की आपूर्ति होती है. ईरान की योजना है कि वह इस 34 किलोमीटर लंबे और महज 3 किलोमीटर चौड़े शिपिंग लेन में माइन्स बिछाकर इसे पूरी तरह ब्लॉक कर दे. यदि ऐसा हुआ, तो बिना मिसाइल दागे भी दुनिया भर की सप्लाई चेन चरमरा सकती है.

मोसाद को करारा जवाब देने की रणनीति

ईरान यह सारा तंत्र मोसाद की गुप्त कार्रवाईयों का बदला लेने के लिए रच रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोसाद ने ईरान में कई हाई-प्रोफाइल हमले किए हैं — जिनमें वैज्ञानिकों की हत्याएं और खुफिया ठिकानों पर हमले शामिल हैं. अब ईरान का जवाब बेहद गोपनीय और योजनाबद्ध तरीके से आ रहा है. यहां तक कि उसके शीर्ष युद्ध कमांडर की पहचान भी गुप्त रखी गई है. हालांकि, मोसाद ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया है कि उसे ईरान के गुप्त सैन्य मुख्यालय — खतम-अल-अन्बिया की पूरी जानकारी मिल चुकी है.

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