IMF के दर पर फिर पहुंचा पाकिस्तान, अब इस बहाने फैलाया भीख का कटोरा; जानें पूरा मामला

IMF Loans For Pakistan: पाकिस्तान की आर्थिक तंगी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुर्खियों में है. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक बार फिर राहत की अपील की है.

Pakistan again reached the IMF doorstep now on this pretext it extended its begging bowl
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IMF Loans For Pakistan: पाकिस्तान की आर्थिक तंगी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुर्खियों में है. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक बार फिर राहत की अपील की है. इस बार तर्क है, हाल ही में आई भीषण बाढ़, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को और ज़्यादा पस्त कर दिया है.

शहबाज शरीफ ने बुधवार (24 सितंबर, 2025) को IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की और आग्रह किया कि गुरुवार (25 सितंबर) को होने वाली IMF समीक्षा में बाढ़ से हुए नुकसान को भी ज़रूर ध्यान में रखा जाए.

IMF की 7 अरब डॉलर की बेलआउट डील

IMF ने मई 2025 में पाकिस्तान को 7 बिलियन डॉलर की बेलआउट सहायता (Extend Fund Facility- EFF) को मंज़ूरी दी थी. इस कार्यक्रम की तीसरी समीक्षा 25 सितंबर को तय है, जिसमें मार्च-जून 2025 तिमाही के प्रदर्शन को परखा जाएगा.

पाकिस्तान के लिए यह समीक्षा काफी अहम है, क्योंकि अगली किश्त के रूप में मिलने वाले 1 अरब डॉलर की रक़म इन्हीं मानदंडों पर निर्भर है. IMF की 50 कड़वी शर्तों में से कई पर त्रैमासिक मूल्यांकन ज़रूरी होता है. अगस्त में हुई पिछली समीक्षा में पाकिस्तान तीन मुख्य लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया था.

राजकोषीय असंतुलन और प्रांतीय सरकारों की नाकामी

पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी प्रांतीय सरकार ने 1.2 ट्रिलियन रुपये की बचत का लक्ष्य नहीं पाया. साथ ही, देश का कुल राजकोषीय घाटा 6.2 ट्रिलियन रुपये यानी GDP का 5.4% रहा, जो IMF द्वारा तय 5.9% सीमा के भीतर तो था, लेकिन सुधार की गुंजाइश साफ दिखी.

प्रधानमंत्री की अपील: बाढ़ के प्रभाव को भी समझें

PID (पाकिस्तान सूचना विभाग) द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने IMF प्रमुख के सामने बाढ़ की वजह से पैदा हुए आर्थिक दबाव को रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से समीक्षा की अपील की. जॉर्जीवा ने इस पर संवेदना जताई और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए चिंता जाहिर की.

क्या IMF मानेगा यह तर्क?

टॉपलाइन सिक्योरिटीज की रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान ने IMF के 7 में से सभी क्वांटिटेटिव परफॉर्मेंस क्राइटेरिया (QPC) पूरे करने की दिशा में प्रगति की है. बावजूद इसके, देश की अर्थव्यवस्था जिस तरह बार-बार “आपदा” की दुहाई देकर रियायतें मांगती है, उस पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं कितनी बार नरमी बरतेंगी, यह अब देखने वाली बात है.

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