पाकिस्तान का दोगलापन! सीजफायर बोलकर कर दिया अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. हाल ही में दोनों देशों ने आपसी सहमति से 48 घंटे के युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर रज़ामंदी जताई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात फिर से बिगड़ गए.

Pakistan Ceasefire with afghanistan then airstrike alleged
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. हाल ही में दोनों देशों ने आपसी सहमति से 48 घंटे के युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर रज़ामंदी जताई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात फिर से बिगड़ गए. अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर पक्तिका प्रांत में एयरस्ट्राइक करने का गंभीर आरोप लगाया है.

तालिबान के अनुसार, पाकिस्तान ने डूरंड लाइन से सटे पक्तिका के अरगुन और बरमल जिलों में कई घरों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए. हालांकि, इन हमलों में अब तक किसी के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है. वहीं, पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.

दोहा में शांति वार्ता की कोशिशें, लेकिन जमीनी हालात विपरीत

गौर करने वाली बात यह है कि यह सैन्य गतिविधियां उस वक्त सामने आईं हैं जब दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल दोहा में होने वाली शांति वार्ता की तैयारियों में जुटे हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही कतर पहुंच चुका है, जबकि तालिबान प्रतिनिधियों के शनिवार को पहुंचने की उम्मीद है.

तालिबान का बड़ा दावा – 58 पाक सैनिक ढेर, कई चौकियों पर कब्जा

15 अक्टूबर को संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद सीमा पर टकराव थमा नहीं. तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि हालिया संघर्ष में उनके लड़ाकों ने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और पाकिस्तान की कुछ सैन्य चौकियों पर कब्जा भी कर लिया. वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि उसने सीमा पर 20 तालिबान लड़ाकों को ढेर किया है. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को संघर्ष शुरू करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

उत्तर वजीरिस्तान में आत्मघाती हमला, 7 पाक सैनिक मारे गए

तनाव भरे इस माहौल के बीच, शुक्रवार को पाकिस्तान के उत्तर वजीरिस्तान में स्थित मीर अली के खड्डी सैन्य शिविर पर एक आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 7 पाकिस्तानी जवानों की जान चली गई और 13 अन्य घायल हो गए. हमले में विस्फोटकों से भरी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था, जिसके बाद दो अन्य हमलावरों ने शिविर में घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मार गिराया गया. इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है.

शहबाज शरीफ ने वार्ता का संकेत दिया, लेकिन तालिबान पर निशाना भी साधा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक दिन पहले संघीय कैबिनेट की बैठक में तालिबान के साथ संवाद के लिए तैयार रहने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है, लेकिन यह तालिबान पर निर्भर करता है कि वह युद्धविराम चाहता है या नहीं. हालांकि, इसी बैठक में शरीफ ने तालिबान पर भारत के इशारे पर हमले करने का आरोप भी लगाया.उन्होंने यह भी कहा कि हालिया हमला उस वक्त हुआ जब तालिबान सरकार के विदेश मंत्री भारत की यात्रा पर थे. पाकिस्तान का यह भी आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल टीटीपी जैसे आतंकी संगठनों को पनाह देने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, तालिबान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है.

तालिबान-PAK रिश्तों में दरार, 2021 के बाद और बढ़ा अविश्वास

2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से पाकिस्तान और तालिबान के रिश्तों में निरंतर गिरावट आई है. पहले सहयोगी रहे ये दोनों अब एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं. पाकिस्तान तालिबान को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है, जबकि तालिबान उसे आंतरिक मामलों में दखल देने वाला देश समझता है.

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