Why Pakistan Airstrike on Afghanistan: अफगानिस्तान की सीमा पर पाकिस्तान की सेना ने लगातार दूसरे महीने भारी बमबारी की है. इस हमले में बच्चों और नागरिकों को निशाना बनाया गया, साथ ही एक मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा. टोलो न्यूज के अनुसार, यह हमला रात 12 बजे से ढाई बजे के बीच खोश्त, मुगलगई, कुनार और पक्तिका जिलों में किया गया, और अफगानी सरकार ने इसकी पुष्टि की. सोशल मीडिया पर हमले की तस्वीरें भी वायरल हुईं.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई संयोग नहीं है कि हर बार अफगानी मंत्रियों के भारत दौरे के दौरान ही पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक होती है. पिछली बार भी पाकिस्तान ने उसी समय हमला किया था जब तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत में थे. इस बार भी 19–25 नवंबर के दौरे के दौरान अफगानी कॉमर्स मिनिस्टर भारत में थे, और उसी समय पाकिस्तानी सेना ने टीटीपी के नाम पर सीमा में एयरस्ट्राइक की.
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव
अक्टूबर में मुत्तकी के पहले दौरे के समय भी पाकिस्तान ने 2600 किलोमीटर दूर डूरंड लाइन के पास गोले-बारूद बरसाए. अफगानिस्तान का कहना था कि एयरस्ट्राइक काबुल तक पहुंची. इसके बाद तालिबान ने भी पाकिस्तान को जवाब दिया, और तुर्की की मध्यस्थता में 48 घंटे के सीजफायर पर सहमति बनी. लेकिन पाकिस्तान ने इस समझौते का लगातार उल्लंघन किया.
विशेषज्ञ इब्राहीम बहीस के अनुसार, पाकिस्तान की यह कार्रवाई अफगानिस्तान में भारत के बढ़ते प्रभाव को रोकने के प्रयास से जुड़ी हो सकती है. पाकिस्तान के मीडिया और नेतृत्व ने अफगानी मंत्रियों के भारत दौरे पर लगातार असहमति और खीझ दिखाई है.
भारत-अफगान रिश्तों पर असर
भारत ने अफगानिस्तान में काबुल में अपना दूतावास फिर से खोला है. अफगानी मंत्रियों के दौरे और भारत-अफगान कूटनीतिक रिश्तों के मजबूत होने से पाकिस्तान लगातार असंतुष्ट दिख रहा है. हर हमले से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान इस साझेदारी को अपने हित के लिए चुनौती मानता है.
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