भारत ने UN में कहा 'टेररिस्तान', तो भड़क गया पाकिस्तान! कहा- हमारा नाम बिगाड़ रहा, यह देश का अपमान...

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच एक बार फिर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली.

Pakistan got angry when India said Terroristan in the UN
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न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच एक बार फिर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली. इस बार विवाद की वजह बना भारतीय राजनयिक द्वारा पाकिस्तान के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द ‘टेररिस्तान’, जिसे लेकर पाकिस्तान ने सख्त आपत्ति जताई और इसे देश का अपमान करार दिया.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने 27 सितंबर को दिए गए भाषण में आतंकवाद पर खुलकर बात करते हुए, पड़ोसी देश का नाम लिए बिना उस पर आतंक का केंद्र होने के गंभीर आरोप लगाए.

टेररिस्तान बोलने से भड़का पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी प्रतिनिधि मोहम्मद राशिद ने भारत के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "भारत अब इस हद तक गिर गया है कि वह हमारे देश के नाम को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है. टेररिस्तान कहना न सिर्फ अस्वीकार्य है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र का अपमान है."

पाकिस्तानी राजनयिक ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत खुद आतंकवाद को बढ़ावा देता है और उसकी खुफिया एजेंसियां अन्य देशों में अस्थिरता फैलाने के काम में लगी हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि भारत की गतिविधियां क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बन चुकी हैं.

पाकिस्तान की पहचान उसके कर्मों से है- भारत

पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए भारतीय प्रतिनिधि रेन्ताला श्रीनिवास ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना दो टूक कहा, "पाकिस्तान की पहचान उसके कार्यों से ही होती है. कोई भी देश, चाहे जितना भी झूठ बोले, वह 'टेररिस्तान' के अपराधों को छुपा नहीं सकता."

श्रीनिवास ने कहा कि भारत का पड़ोसी देश न सिर्फ अपने आसपास के इलाकों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है. उन्होंने दोहराया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है और आतंकवाद के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई करता रहेगा.

जयशंकर ने आतंकवाद को बताया वैश्विक चुनौती

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान बिना किसी देश का नाम लिए यह स्पष्ट संकेत दिया कि भारत के पड़ोसी देश आतंकवाद के अड्डे बन चुके हैं. उन्होंने कहा, "भारत को आज़ादी के बाद से ही आतंकवाद की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. हमारा पड़ोसी देश लगातार वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बना हुआ है."

जयशंकर ने भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भारत की प्राथमिकता रही है. उन्होंने कहा कि भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूर्ण अधिकार है और इस अधिकार का उपयोग करते हुए भारत ने कई बार सीमापार आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की है.

जयशंकर ने पहलगाम हमले का जिक्र किया

अपने संबोधन में जयशंकर ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिसे उन्होंने सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का स्पष्ट उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि इस हमले में निर्दोष नागरिकों की जान गई और यह दुनिया को एक बार फिर आतंक के वास्तविक स्रोत की याद दिलाता है.

उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंक के इन अड्डों पर ठोस कार्रवाई करनी होगी. ऐसे ढांचे जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, उन्हें समाप्त करना जरूरी है. आतंकवादियों का महिमामंडन और उनकी खुलेआम फंडिंग जैसे कृत्य बंद होने चाहिए."

जयशंकर ने अपने पूरे भाषण में "भारत" शब्द का उपयोग किया, जो कि पिछले कुछ समय से देश के आधिकारिक पहचान के रूप में अधिक जोर देकर प्रयोग किया जा रहा है.

जयशंकर के बयान पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

जयशंकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी राजनयिक मोहम्मद राशिद ने कहा कि भारत जानबूझकर पाकिस्तान को बदनाम कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है और इस संघर्ष में 90,000 से अधिक नागरिकों और सुरक्षाबलों की जानें गई हैं.

राशिद ने कहा, "हमने आतंकवाद से लड़ाई में भारी कीमत चुकाई है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी पाकिस्तान के बलिदान को स्वीकार किया है. ऐसे में भारत का यह कहना कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, सरासर झूठ और दुर्भावनापूर्ण है."

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