पाकिस्तान के दौरे पर किंग अब्दुल्ला, अब इस मुस्लिम देश से सुधार रहा रिश्ते! जानें क्या है मकसद

पाकिस्तान इन दिनों अपने कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने में बेहद सक्रिय नजर आ रहा है. सऊदी अरब के साथ हुए बड़े रक्षा समझौते के बाद अब इस्लामाबाद की निगाहें एक और अहम मुस्लिम सहयोगी जॉर्डन की ओर टिकी हैं.

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पाकिस्तान इन दिनों अपने कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने में बेहद सक्रिय नजर आ रहा है. सऊदी अरब के साथ हुए बड़े रक्षा समझौते के बाद अब इस्लामाबाद की निगाहें एक और अहम मुस्लिम सहयोगी जॉर्डन की ओर टिकी हैं. इसी क्रम में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II शनिवार को पाकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे, जो कि स्वयं में ऐतिहासिक है क्योंकि उन्हें पाकिस्तान आए हुए दो दशक से भी ज्यादा समय हो चुका है.

किंग अब्दुल्ला II की यह यात्रा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के विशेष निमंत्रण पर हो रही है. नूर खान एयरबेस पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शरीफ ने स्वयं पहुंचकर उनका स्वागत किया. शाही विमान के पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने उसे विशेष एस्कॉर्ट दिया, जो पाकिस्तान की ओर से दी गई उच्च स्तरीय गरिमा का प्रतीक था.

कूटनीतिक स्तर पर बढ़ता भरोसा

यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को नए स्तर पर ले जाने का प्रयास मानी जा रही है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान और जॉर्डन का रिश्ता हमेशा से भाईचारे और सम्मान पर आधारित रहा है. अब दोनों देश राजनीति, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक विनिमय और सुरक्षा सहयोग जैसे कई आयामों पर और मजबूत साझेदारी तलाशने जा रहे हैं.

शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम मुलाकातें

किंग अब्दुल्ला राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों से अलग-अलग मुलाकातें करेंगे. इन बैठकों के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच विस्तार से बातचीत होगी, जिसमें रक्षा सहयोग से लेकर क्षेत्रीय राजनीतिक मुद्दों तक हर विषय पर चर्चा होने की उम्मीद है. राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में किंग अब्दुल्ला को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी प्रदान किया जाएगा.

सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग की मजबूत नींव

पाकिस्तान और जॉर्डन की साझेदारी सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है. दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत रिश्ते रहे हैं. वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के नियमित आदान-प्रदान और सुरक्षा मामलों पर समन्वय इस सहयोग की मुख्य विशेषताएं हैं.इतिहास गवाह है कि जॉर्डन उन शुरुआती देशों में रहा, जिसने 1948 में पाकिस्तान को आधिकारिक मान्यता दी थी. मौजूदा यात्रा इसी ऐतिहासिक रिश्ते को और गहरा करने का प्रयास है.

व्यापार, प्रवासी और आर्थिक जुड़ाव

पाकिस्तान की आर्थिक रिपोर्ट बताती है कि पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 46 मिलियन डॉलर के आसपास रहा. साथ ही लगभग 16,000 पाकिस्तानी जॉर्डन में रहते और काम करते हैं, जो दोनों देशों के बीच सामाजिक और आर्थिक संपर्क का अहम पुल हैं.

एशियाई दौरे का अहम पड़ाव

इस्लामाबाद पहुंचने से पहले किंग अब्दुल्ला II एशिया के कई देशों—जापान, वियतनाम, सिंगापुर और इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं. उनकी यह यात्रा एशिया के देशों के साथ जॉर्डन की कूटनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. पाकिस्तान इस व्यापक यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है, जो भविष्य में दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोग को नई दिशा देने वाला है.

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