पाकिस्तान के साथ खतरनाक मिसाइल की डील कर रहा अमेरिका... क्या भारत की बढ़ेगी टेंशन?

दक्षिण एशिया की बदलती सैन्य रणनीति के बीच अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में अमेरिका की ओर से जिन देशों को आधुनिक हथियारों की बिक्री की स्वीकृति दी गई है, उनमें पाकिस्तान का नाम भी सामने आया है.

Pakistan US defense Air-to-Air Missiles AIM-120 Advanced Medium-Range
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दक्षिण एशिया की बदलती सैन्य रणनीति के बीच अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में अमेरिका की ओर से जिन देशों को आधुनिक हथियारों की बिक्री की स्वीकृति दी गई है, उनमें पाकिस्तान का नाम भी सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें देने की योजना बना रहा है, जो कि हवा से हवा में मार करने वाली आधुनिक मिसाइलें हैं.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन में AIM-120 मिसाइलों के संभावित खरीदार देशों की सूची में पाकिस्तान भी शामिल है. इस सूची में ब्रिटेन, जापान, इजरायल, सऊदी अरब, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों के साथ पाकिस्तान का नाम भी दर्ज है. हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान को कितनी मिसाइलें दी जाएंगी, लेकिन रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह डील पाकिस्तान की वायुसेना को एक नई तकनीकी बढ़त दे सकती है.

F-16 की ताकत में इजाफा संभव

यह मिसाइल सौदा पाकिस्तान के पास मौजूद F-16 फाइटर जेट्स की क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है. इन मिसाइलों को F-16 विमानों में आसानी से फिट किया जा सकता है और इनका उपयोग पहले भी 2019 के बालाकोट हवाई संघर्ष में किया जा चुका है. अब यह डील F-16 बेड़े के उन्नयन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

तकनीकी खूबियां: AIM-120C8 मिसाइल

AIM-120C8 वर्जन, AIM-120D का एडवांस संस्करण है जिसे अमेरिकी कंपनी रेथियॉन (अब RTX कॉरपोरेशन) ने तैयार किया है. इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • रेंज: लगभग 160 से 180 किलोमीटर, जो लॉन्च करने वाले विमान पर निर्भर करती है.
  • स्पीड: मैक 4 की रफ्तार से उड़ान, यानी आवाज की गति से चार गुना तेज.
  • गाइडेंस: एक्टिव रडार होमिंग तकनीक के ज़रिए दुश्मन के लक्ष्यों पर सटीक वार.

मल्टी टारगेट कैपेबिलिटी: यह मिसाइल एक साथ कई हवाई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है. यह मिसाइल F-15, F-16, F-22, Eurofighter Typhoon जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में उपयोगी है. इसके अलावा, इसे NASAMS जैसे ग्राउंड-बेस्ड एयर डिफेंस सिस्टम में भी लगाया जा सकता है.

ट्रंप-शहबाज-आसीम मीटिंग के बाद बढ़ी हलचल

इस डील की चर्चा उस समय तेज हुई जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बीच हाल ही में एक अहम मुलाकात हुई. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-पाक संबंधों को लेकर भी बातचीत हुई थी. ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में भूमिका निभाई है.

भारत के लिए क्या मायने रखती है ये डील?

जहां एक ओर पाकिस्तान को मिलने वाली यह मिसाइलें उसकी वायु शक्ति को मज़बूत बना सकती हैं, वहीं दूसरी ओर भारत के लिए यह एक रणनीतिक चेतावनी भी मानी जा रही है. भारत के पास फिलहाल राफेल और सुखोई-30MKI जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स हैं जो Meteor जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों से लैस हैं, लेकिन पाकिस्तान के F-16 अपग्रेड होने पर भविष्य में वायु सीमाओं पर टकराव की आशंका बढ़ सकती है.

अमेरिकी हित और चीन-रूस का संतुलन

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील केवल सैन्य नहीं, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम है. अमेरिका इस तरह की डील्स के ज़रिए चीन और रूस के प्रभाव को एशिया में संतुलित करने की कोशिश कर सकता है. पाकिस्तान के साथ सैन्य संबंध मजबूत करना इसी दिशा में एक कदम हो सकता है.

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