इस्लामाबाद: कतर पर हाल ही में हुए इजरायली हवाई हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है. पाकिस्तान ने इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इजरायल के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इजरायल को "दुष्ट राष्ट्र" तक करार दे डाला और भारत को घसीटते हुए नई धमकियां भी दी हैं.
डार ने दावा किया कि इजरायल के कतर पर हमले का कोई वैध आधार नहीं था और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के समान है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल बार-बार अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को नजरअंदाज करता आ रहा है.
भारत का ‘आधिपत्य दफन’ करने की बात
विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के खिलाफ भी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने 7 से 10 मई के बीच हुए "ऑपरेशन सिंदूर" का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल किया और भारत को करारा जवाब दिया.
डार ने कहा, "कुछ देशों ने खुद को क्षेत्रीय महाशक्ति और सुरक्षा प्रदाता घोषित किया था, लेकिन पाकिस्तान ने दिखा दिया कि असली ताकत क्या होती है. भारत का तथाकथित आधिपत्य अब मिट्टी में मिल चुका है."
परमाणु हथियारों का हवाला देकर दी चेतावनी
इशाक डार ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान किसी भी हमले का जवाब देने में सक्षम है, और यदि जरूरत पड़ी तो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान मुस्लिम दुनिया का एकमात्र परमाणु संपन्न देश है और वह अपने भाइयों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है.
उन्होंने कहा, "हम शांति के समर्थक हैं, लेकिन हमारी संप्रभुता या अखंडता से समझौता नहीं किया जा सकता. कोई भी देश, चाहे बड़ा हो या छोटा, अगर हमारी सीमाओं का उल्लंघन करता है तो हम जवाब देने के लिए तैयार हैं."
यह अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी
डार ने आरोप लगाया कि जब कतर, अमेरिका और मिस्र मिलकर गाजा में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे, तभी इजरायल ने यह हमला किया. उन्होंने कहा कि यह हमला शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजिश का हिस्सा था.
उनका कहना था कि इजरायल लगातार मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों के सामने यह सब कुछ हो रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.
अमेरिका पर नरम, लेकिन सतर्क रवैया
जब इशाक डार से पूछा गया कि क्या अमेरिका अब भी पाकिस्तान के लिए भरोसेमंद साझेदार है, तो उन्होंने कूटनीतिक अंदाज़ में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के समय सकारात्मक भूमिका निभाई थी. हालांकि भारत ने हमेशा से अमेरिका की भूमिका को नकारा है.
डार ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन वह अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा.
गाजा और कश्मीर को एक जैसा बताया
इशाक डार ने गाजा में हो रहे इजरायली हमलों की तुलना जम्मू-कश्मीर की स्थिति से की. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर परिषद के प्रस्तावों का पालन नहीं होता, तो ऐसे बहुपक्षीय संस्थानों की प्रासंगिकता पर सवाल उठना लाजिमी है.
उनका कहना था कि गाजा और कश्मीर दोनों ही ऐसी जगहें हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन सुरक्षा परिषद मूकदर्शक बनी हुई है.
सिंधु जल संधि का भी किया जिक्र
जल संसाधनों को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद रहा है. इस पर बोलते हुए डार ने कहा कि भारत यदि सिंधु जल संधि का उल्लंघन करता है या पाकिस्तान का पानी रोकने की कोशिश करता है, तो उसे युद्ध की घोषणा माना जाएगा.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि "पानी भविष्य के युद्धों का मुख्य कारण हो सकता है और पाकिस्तान इस मुद्दे पर किसी भी तरह की ढील नहीं देगा."
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