आज से हुई पंचपर्व की शुरुआत, धनतेरस, दिवाली, भाई दूज का शुभ मुहूर्त जानें

इस वर्ष कार्तिक माह का पावन समय एक विशेष संयोग लेकर आया है. जहां हर साल पंच पर्व आमतौर पर पांच दिनों तक सीमित रहता है, वहीं 2025 में यह महोत्सव छह दिनों तक मनाया जाएगा.

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नई दिल्ली – इस वर्ष कार्तिक माह का पावन समय एक विशेष संयोग लेकर आया है. जहां हर साल पंच पर्व आमतौर पर पांच दिनों तक सीमित रहता है, वहीं 2025 में यह महोत्सव छह दिनों तक मनाया जाएगा. धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाला यह पर्व श्रृंखला न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ज्योतिषीय महत्व के कारण भी विशेष मानी जाती है. हर दिन किसी न किसी ग्रह और ऊर्जा से जुड़ा होता है और यह समय अध्यात्म व समृद्धि की दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली होता है.

यहां जानिए पंच पर्व 2025 के हर दिन के शुभ मुहूर्त और कुछ चमत्कारी उपाय, जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

1. धनतेरस – 18 अक्टूबर (शुक्रवार)

ग्रह संबंध: बृहस्पति और शुक्र
शुभ मुहूर्त: शाम 7:11 बजे से रात 9:22 बजे तक

धार्मिक महत्व:धनतेरस का दिन आरोग्य, दीर्घायु और धन-संपन्नता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन धन्वंतरि देव, कुबेर और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है.

क्या करें:

  • पीतल, चांदी, सोना या बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है
  • हल्दी और पीली वस्तुओं का दान करें
  • दीपदान अवश्य करें यह शुक्र ग्रह को बल देता है

2. नरक चतुर्दशी – 19 अक्टूबर (शनिवार)

ग्रह संबंध: शनि और केतु
शुभ मुहूर्त: शाम 5:13 बजे के बाद किसी भी समय

धार्मिक महत्व:इसे रूप चौदस और छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन यमराज की पूजा से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।

क्या करें:

  • सूर्योदय से पहले उबटन और तेल स्नान करें
  • घर के चारों कोनों में तिल के तेल का दीपक जलाएं
  • शनि और केतु दोष से बचाव के लिए यह दिन विशेष प्रभावशाली होता है

3. दीपावली – 20 अक्टूबर (रविवार)

ग्रह संबंध: शुक्र और चंद्र
शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 7:08 बजे से रात 9:03 बजे तक

धार्मिक महत्व:कार्तिक अमावस्या की रात को मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा से घर में धन, वैभव और शांति आती है।

क्या करें:

  • घी और तिल के दीपक जलाएं
  • घर में श्रीयंत्र की स्थापना करें
  • शंखनाद और लक्ष्मी स्तोत्र पाठ करें — इससे चंद्र व शुक्र ग्रह मजबूत होते हैं

4. गोवर्धन पूजा – 22 अक्टूबर (मंगलवार)

ग्रह संबंध: गुरु और शनि
शुभ मुहूर्त: सुबह 6:26 बजे से 8:42 बजे तक

धार्मिक महत्व: यह दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला को समर्पित है। यह प्रकृति और गौ संरक्षण का प्रतीक पर्व है।

क्या करें:

  • मिट्टी से गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजन करें
  • गौ सेवा करें और अन्नदान करें
  • शनि और गुरु ग्रह से संबंधित कष्टों में राहत मिलती है

5. भाई दूज – 23 अक्टूबर (बुधवार)

  • ग्रह संबंध: चंद्र और बुध
  • शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:13 बजे से 3:28 बजे तक

धार्मिक महत्व:यह दिन भाई-बहन के प्रेम और रक्षा-संविधान का पर्व है। बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सफलता के लिए तिलक करती हैं।

क्या करें:

  • चंद्रमा को रात में अर्घ्य दें
  • हरे फल, वस्त्र और चांदी का दान करें
  • भाई अपनी बहन को चांदी की वस्तु भेंट करें

इस बार पंच पर्व 6 दिन का क्यों है?

इस वर्ष पंच पर्व में 21 अक्टूबर का दिन आमतौर पर बिना पर्व के होने के कारण, कुल अवधि छह दिनों की हो गई है. यह दुर्लभ संयोग ग्रहों की चाल और तिथियों के विशेष मेल के कारण बना है, जिससे हर दिन की ऊर्जा अलग-अलग ग्रहों से जुड़ रही है.

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