फिलीपींस मंगलवार को एक विनाशकारी प्राकृतिक आपदा का शिकार हो गया, जब दोपहर के समय 6.9 तीव्रता का भूकंप आया. झटकों ने देश के कई हिस्सों को बुरी तरह हिला दिया. सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं.
भूकंप के तेज झटके स्थानीय समयानुसार दोपहर के बाद महसूस किए गए, जिससे कई इलाकों में भगदड़ की स्थिति बन गई. लोग घरों, कार्यालयों और दुकानों से जान बचाकर बाहर की ओर भागे. पुराने ढांचे और कमजोर इमारतें धराशायी हो गईं, जिसके चलते जान-माल का भारी नुकसान हुआ.
तबाही का मंजर और राहत कार्य
सरकारी आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं. बचाव दल दिन-रात मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हैं. अभी भी कई लोग लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या में इज़ाफा होने की आशंका जताई जा रही है. घायलों को तत्काल पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां मेडिकल टीमें लगातार इलाज में लगी हुई हैं. कुछ क्षेत्रों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी जरूरी सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे बचाव कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं.
क्यों बार-बार हिलता है फिलीपींस?
फिलीपींस की भौगोलिक स्थिति इसे भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बनाती है. यह देश 'रिंग ऑफ फायर' नामक क्षेत्र में आता है, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला है. इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल लगातार बनी रहती है, जिससे भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोट की घटनाएं आम हो जाती हैं. 2013 में आए बोहोल भूकंप (7.2 तीव्रता) की तबाही अभी भी लोगों के ज़ेहन में ताजा है, जिसने सैकड़ों जानें ली थीं.
स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं अधिकारी
एक वरिष्ठ आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया, “यह भूकंप बेहद शक्तिशाली था. कई इमारतें जमींदोज हो गईं और भारी नुकसान हुआ है. हम पूरी ताकत से राहत कार्यों को अंजाम दे रहे हैं.” सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात सेवाएं तैनात कर दी हैं और जरूरतमंद लोगों को अस्थायी आश्रय, भोजन और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है.
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