Mann Ki Baat 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के ताज़ा एपिसोड में देशवासियों को छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि इस समय पूरा देश उत्सवों की रोशनी में डूबा हुआ है. दीपावली के बाद अब छठ महापर्व की तैयारी पूरे जोश के साथ चल रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने छठ को भारतीय परंपरा की आत्मा बताया. उन्होंने कहा कि यह पर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतीक है. उनके मुताबिक, “छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा दिखाई देता है. यह भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है.” पीएम मोदी ने देश और विदेश में रह रहे भारतीयों से आग्रह किया कि वे इस पर्व में किसी न किसी रूप में जरूर शामिल हों और इसकी पवित्रता का अनुभव करें. उन्होंने छठी मैया को नमन करते हुए विशेष रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के लोगों को शुभकामनाएं दीं.
भारतीय नस्ल के डॉग्स की तारीफ
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नस्ल के डॉग्स पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा, “करीब पांच वर्ष पहले मैंने देशवासियों और सुरक्षा बलों से आग्रह किया था कि वे भारतीय नस्ल के ‘श्वान’ को अपनाएं. ये हमारे माहौल के अनुरूप जल्दी ढल जाते हैं और बेहद समझदार होते हैं.”
पीएम मोदी ने बताया कि BSF और CRPF ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के कुत्तों की संख्या बढ़ाई है. उन्होंने कहा कि ग्वालियर के टेकनपुर में स्थित BSF का नेशनल ट्रेनिंग सेंटर इन नस्लों के प्रशिक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जहां रामपुर हाउंड (उत्तर प्रदेश) और मुधोल हाउंड (कर्नाटक व महाराष्ट्र) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय नस्ल के डॉग्स की ट्रेनिंग मैनुअल्स को भी नए सिरे से तैयार किया गया है ताकि उनकी विशेष क्षमताओं को बेहतर तरीके से निखारा जा सके. बेंगलुरु में CRPF के Dog Breeding and Training School में मुधोल हाउंड, कोम्बाई, पांडिकोना और मोंग्रेल्स जैसी भारतीय नस्लों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
‘रिया’ बनी गर्व का प्रतीक
पीएम मोदी ने गर्व से बताया कि पिछले वर्ष लखनऊ में आयोजित All India Police Duty Meet में BSF की प्रशिक्षित श्वान ‘रिया’ — जो एक मुधोल हाउंड है, ने विदेशी नस्लों को पछाड़ते हुए पहला पुरस्कार जीता. उन्होंने कहा कि यह भारतीय नस्लों की ताकत और क्षमताओं का प्रमाण है.
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