Google AI Hub: भारत की डिजिटल ताकत को नया आयाम देने के लिए टेक्नोलॉजी दिग्गज गूगल ने 15 अरब डॉलर (लगभग ₹1.26 लाख करोड़) के निवेश की घोषणा की है. यह निवेश आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक बड़े डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के निर्माण में किया जाएगा. गूगल का यह कदम भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी मैप पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला माना जा रहा है.
AI हब बनाने को लेकर क्या बोले पिचाई?
कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसको लेकर एक पोस्ट भी शेयर की है. उन्होंने लिखा, ''भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने का शानदार अनुभव रहा. हमने विशाखापट्टतम में बनने वाले गूगल के पहले AI हब का प्लान शेयर किया. यह एक ऐतिहासिक कदम होगा. इस हब में गीगावॉट स्तर की कंम्यूटिंग क्षमता, एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा.''
पीएम मोदी ने जताई खुशी
वहीं पीएम मोदी ने भी AI हब की शुरुआत पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, "ये निवेश टेक्नोलॉजी को लोकतांत्रिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. इससे ‘सभी के लिए AI’ सुनिश्चित होगा. साथ ही देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी. भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में स्थापित करेगा." पीएम मोदी ने लिखा, "ये पहल टेक्नोलॉजी को देश के सभी लोगों तक पहुंचाने में बड़ी ताकत बनेगी. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में Google AI हब की शुरुआत से मैं बहुत उत्साहित हूं."
Delighted by the launch of the Google AI Hub in the dynamic city of Visakhapatnam, Andhra Pradesh.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 14, 2025
This multi-faceted investment that includes gigawatt-scale data center infrastructure, aligns with our vision to build a Viksit Bharat. It will be a powerful force in… https://t.co/lbjO3OSyMy
विशाखापत्तनम में बनेगा हाई-कैपेसिटी AI डेटा सेंटर
गूगल भारत के पहले 1 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर कैंपस की स्थापना विशाखापत्तनम में करेगी. इस कैंपस में अत्याधुनिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर, पावरफुल एनर्जी सॉल्यूशंस और उन्नत फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा. यह केंद्र विशेष रूप से AI और क्लाउड सेवाओं की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करेगा, जो स्मार्टफोन यूजर्स और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती पहुंच के कारण तेजी से बढ़ रही है.
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बड़ा बूस्ट
गूगल का यह निवेश भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को तेज़ रफ्तार देगा. स्थानीय स्तर पर यह प्रोजेक्ट हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगा और आंध्र प्रदेश को एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब बना सकता है. गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत कंपनी का सबसे तेज़ी से बढ़ता बाजार है और यह निवेश देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को नया आयाम देगा.
रिन्यूएबल एनर्जी से चलेगा डेटा सेंटर
गूगल इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी से संचालित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. यह न केवल ग्रीन टेक्नोलॉजी का उदाहरण बनेगा, बल्कि स्थायी विकास (sustainable development) की दिशा में भी एक मजबूत कदम होगा.
एआई स्किल्स से सजेगा भारत का युवा टैलेंट
इस निवेश के जरिए गूगल AI स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी शुरू करेगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों में ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे स्टार्टअप्स, छोटे व्यवसायों और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को जबरदस्त लाभ मिलेगा और भारत के डिजिटल टैलेंट को वैश्विक मान्यता मिलेगी.
भारत बना निवेश का अगला बड़ा ठिकाना
गूगल का यह फैसला Microsoft, Amazon जैसी अन्य टेक कंपनियों की तरह भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है. भारत की बढ़ती डिजिटल जरूरतों और तकनीकी उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए, यह निवेश रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. राज्य सरकार पहले ही कुछ बड़े डेटा सेंटर निवेश फाइनल कर चुकी है और आने वाले वर्षों में 6 गीगावाट क्षमता तक का नेटवर्क विकसित करने पर काम कर रही है. इस मेगा प्रोजेक्ट से आंध्र प्रदेश का राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) भी बढ़ेगा और राज्य को AI और डिजिटल इनोवेशन का नया केंद्र बनने में मदद मिलेगी.
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