प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ हमेशा देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और बदलाव की कहानियों को आवाज़ देता रहा है. इस बार के 128वें एपिसोड में पीएम मोदी ने नवंबर महीने को प्रेरणाओं से भरा बताया. उन्होंने कहा कि यह महीना केवल यादगार घटनाओं का सिलसिला नहीं, बल्कि भारत की नई ऊर्जा और नई दिशा का प्रतिबिंब रहा.
पीएम मोदी ने संविधान दिवस से लेकर वंदेमातरम् के 150 वर्ष तक, अयोध्या के राम मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण से लेकर कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक के लोकार्पण तक, हर एक ऐतिहासिक क्षण को देश के गर्व से जोड़ा. उन्होंने कहा कि यह समय केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्मगौरव का समय है क्योंकि ये घटनाएं देश की आत्मा और संस्कृति को और मजबूत बनाती हैं.
भारत की तकनीकी प्रगति और रक्षा शक्ति में नए कदम
प्रधानमंत्री ने हाल ही में हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO सुविधा के उद्घाटन का ज़िक्र किया. यह पहल भारत को Aircraft Maintenance और Overhaul के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रही है.इसी क्रम में INS ‘माहे’ का भारतीय नौसेना में शामिल होना भी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया गया. यह युद्धपोत अपनी स्वदेशी डिज़ाइन और सांस्कृतिक विरासत के कारण चर्चा में रहा.
भारत के स्पेस सेक्टर का उभरता नया युग
पीएम मोदी ने बताया कि भारत का अंतरिक्ष इकोसिस्टम अब केवल सरकारी नहीं रहा, बल्कि स्टार्टअप्स के नवाचार से चमक रहा है. Skyroot के Infinity Campus का उद्घाटन इसी बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत है.उन्होंने ISRO द्वारा आयोजित एक अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता का video देखकर अपने अनुभव साझा किए. मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने की कोशिश करते युवा वैज्ञानिकों के संघर्ष और जुनून ने उन्हें चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 की यात्रा याद दिला दी. उन्होंने कहा—सफलता उन्हीं को मिलती है, जो असफलता को कदमों का पत्थर बनाते हैं.
श्याम घाटियों में बसी मीठी कहानियाँ—शहद उत्पादन की नई पहचान
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के सुलाई पर्वतीय इलाकों में बनने वाले सफेद शहद की कहानी सुनाई, जिसे GI टैग मिलने के बाद दुनिया नई पहचान दे रही है.दक्षिण कर्नाटक का ‘ग्रामजन्य’ मॉडल, तुमकुरु जिले का ‘शिवगंगा कालंजिया’ अभियान और नागालैंड का Cliff Honey—इन सबने शहद उत्पादन को एक नई ऊंचाई दी है. इससे हजारों किसानों की आय बढ़ी है और शहद की भारत में पहचान वैश्विक स्तर पर चमकी है.उन्होंने बताया कि देश में शहद उत्पादन 76 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर डेढ़ लाख मीट्रिक टन से अधिक हो चुका है—यह किसानों की मेहनत और आधुनिक अप्रोच का परिणाम है.
महाभारत की भूमि से दुनिया तक फैलती सांस्कृतिक रोशनी
प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का अनुभव साझा करते हुए कहा कि विश्वभर के लोग गीता के ज्ञान से प्रेरणा ले रहे हैं.उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में पहली बार गीता का सार्वजनिक मंच पर पाठ हुआ और लातविया में आयोजित गीता महोत्सव में कई देशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया.भारत की संस्कृति में करुणा और शांति का संदेश सदियों से समाहित है. जाम साहब द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के समय पोलिश बच्चों को शरण देना इस भावना की सबसे बड़ी मिसाल है.
नेचुरल फार्मिंग—धरती माँ से जुड़ने का नया अभियान
कोयंबटूर में आयोजित Natural Farming सम्मेलन से प्रधानमंत्री बेहद प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षित युवा भी अब धरती से जुड़े इस प्राचीन और टिकाऊ कृषि मॉडल को अपना रहे हैं.नेचुरल फार्मिंग केवल खेती नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश है, जिसे देशभर में आगे बढ़ाना आवश्यक है.
काशी-तमिल संगमम—दो महान सभ्यताओं का मिलन
पीएम मोदी ने कहा कि काशी और तमिल संस्कृति का संगम हमेशा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक रहा है.इस वर्ष 2 दिसंबर से शुरू हो रहा चौथा काशी-तमिल संगमम "Learn Tamil – तमिल करकलम्" विषय पर आधारित है. यह आयोजन उन लोगों का मंच बन चुका है, जिनके दिल में तमिल भाषा, संस्कृति और परंपरा के लिए खास प्रेम है.उन्होंने हर भारतीय से आग्रह किया कि वे इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें और "एक भारत—श्रेष्ठ भारत" की भावना को और मजबूत करें.
नौसेना दिवस और बढ़ता आत्मविश्वास
INS ‘माहे’ के नौसेना में शामिल होने से लेकर 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले नौसेना दिवस तक, प्रधानमंत्री ने बताया कि देश की समुद्री सुरक्षा पहले से अधिक सशक्त हुई है.उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का तेज़ी से आत्मनिर्भर बनना हर नागरिक के गर्व को बढ़ाता है.
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