नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से आरंभ हो गया है और पहले ही दिन विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही खासा चर्चा में रही. राज्यसभा में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की शुरुआत पर अपना संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने नए सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की खुले दिल से प्रशंसा की.
पीएम ने राधाकृष्णन की सादगी, सामाजिक सेवा और आध्यात्मिकता का उदाहरण देते हुए काशी में गंगा पूजन के बाद उनका नॉनवेज छोड़ देने का प्रसंग भी साझा किया.
सभापति के मार्गदर्शन में निर्णय लेगा सदन- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ राज्यसभा के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है, क्योंकि नए सभापति के नेतृत्व में सदन राष्ट्रीय हित से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार करेगा.
उन्होंने कहा, “आदरणीय सभापति जी, यह सदन आपका स्वागत करता है. आपके मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण विषयों पर विचार और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े निर्णय किए जाएंगे. यह हम सभी के लिए बड़ी जिम्मेदारी और अवसर है.”
पीएम मोदी ने यह भी उम्मीद जताई कि ऊपरी सदन के सदस्य सदन की परंपरा, गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए सकारात्मक माहौल में कार्यवाही आगे बढ़ाएंगे.
पीएम मोदी ने सभापति राधाकृष्णन को दी बधाई
प्रधानमंत्री ने राधाकृष्णन को उनके नए दायित्व के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्यसभा के लिए प्रेरणादायक है.
उन्होंने कहा, “मैं सदन और देश की ओर से आपको शुभकामनाएं देता हूं. हम सभी को विश्वास है कि आपका अनुभव और संतुलित नेतृत्व राज्यसभा को नई दिशा देगा.”
किसान परिवार से जनसेवा तक पहुंचे- पीएम मोदी
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभापति की विनम्र पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि राधाकृष्णन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और युवावस्था से ही समाज सेवा को अपना जीवन कार्य मानकर आगे बढ़े हैं. राजनीति उनके जीवन का सिर्फ एक हिस्सा रही है, जबकि मूल उद्देश्य हमेशा जनकल्याण रहा.
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/HIrliYGhyB
— Narendra Modi (@narendramodi) December 1, 2025
पीएम ने कहा, “उनका जीवन समाज सेवा की लगातार साधना रहा है. यह उन लोगों के लिए मार्गदर्शन है, जो समाज के लिए बिना किसी स्वार्थ के काम करते हैं.”
उनकी प्रतिबद्धता मैंने करीब से देखी है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने बताया कि वे राधाकृष्णन को लंबे समय से जानते हैं. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में साथ काम करने के दौरान उन्होंने राधाकृष्णन की ईमानदारी, प्रतिबद्धता और शांत स्वभाव को करीब से महसूस किया है.
“प्रधानमंत्री बनने के बाद जब मुझे विभिन्न जिम्मेदारियों पर उन्हें काम करते देखने का अवसर मिला, तब मुझे महसूस हुआ कि उनकी सोच कितनी सकारात्मक और राष्ट्रहित से प्रेरित है,” मोदी ने कहा.
काशी में गंगा पूजन के बाद नॉनवेज त्याग का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने सभापति के आध्यात्मिक झुकाव का जिक्र करते हुए बताया कि राधाकृष्णन ने काशी में मां गंगा की पूजा करने के बाद जीवनशैली में बड़ा परिवर्तन लाते हुए नॉनवेज का परित्याग कर दिया.
पीएम ने कहा कि यह कदम उनकी आस्था, अनुशासन और जीवन मूल्यों को दर्शाता है, जो सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए भी प्रेरणा है.
डॉलर सिटी मे हुआ राधाकृष्णन का जन्म
प्रधानमंत्री ने बताया कि राधाकृष्णन का जन्म उस शहर में हुआ जिसे ‘डॉलर सिटी’ कहा जाता है. आर्थिक रूप से समृद्ध माने जाने वाले इस क्षेत्र में पले-बढ़े होने के बावजूद उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र के लिए समाज के सबसे वंचित और उपेक्षित वर्गों को चुना.
उन्होंने कहा, “सभापति जी ने हमेशा उन लोगों के लिए काम किया, जो समाज में सबसे कमजोर थे. चाहे सामाजिक पहल हो या संगठनात्मक कार्य, उन्होंने अंत्योदय की भावना को जीवन में उतारा है.”
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