भूटान की पवित्र भूमि से मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में हुए भीषण धमाके पर गहरी संवेदना व्यक्त की. प्रधानमंत्री इस समय दो दिवसीय भूटान यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने अपनी आधिकारिक स्पीच की शुरुआत ही इस त्रासदी के उल्लेख से की. भारी मन से संबोधन करते हुए उन्होंने कहा कि “दिल्ली में जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस हमले के पीछे जो भी षड्यंत्रकारी हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा.”
भूटान के वैश्विक शांति प्रार्थना समारोह में शामिल होते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज मैं यहां बहुत भारी मन से आया हूं. कल शाम दिल्ली में जो भयावह घटना हुई, उसने हम सबको व्यथित कर दिया है. मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है. जो लोग इस कायराना कृत्य में शामिल हैं, उन्हें सजा ज़रूर मिलेगी. उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने दिल्ली में जांच कर रहीं सभी प्रमुख एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा. पीएम मोदी ने कहा, मैं कल रातभर एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद में था. हर जानकारी को जोड़ा जा रहा है. हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी और सच्चाई को उजागर करेंगी.
भूटान में पीएम मोदी का भावनात्मक संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी भूटान के राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह और ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में शामिल होने पहुंचे थे. उन्होंने अपने भाषण में कहा,आज का दिन भूटान और भारत दोनों के लिए विशेष है. यह न केवल भूटान के राजपरिवार के लिए, बल्कि विश्व शांति में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों के दर्शन कर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूं.उन्होंने आगे कहा कि भारत और भूटान का संबंध केवल पड़ोसी देशों का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आत्मीयता का है.हमारी सभ्यता के सूत्र हज़ारों वर्षों से जुड़े हैं. भूटान के लोगों के प्रति भारत का स्नेह और समर्थन हमेशा रहेगा.
सुरक्षा पर प्रधानमंत्री की सख्त चेतावनी
दिल्ली ब्लास्ट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वर बेहद गंभीर रहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक “दुर्घटना” नहीं, बल्कि एक “योजनाबद्ध हमला” है जिसे कड़े हाथों से निपटाया जाएगा. उन्होंने कहा, भारत आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ शून्य-सहनशीलता की नीति पर चलता है. जो लोग देश की शांति को चुनौती देंगे, वे अपने अंजाम से बच नहीं सकते. प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर एजेंसी के साथ लगातार समन्वय में है और बहुत जल्द पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाएगा.
भूटान यात्रा के बीच भी देश से जुड़े रहे पीएम
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली धमाके के बाद देर रात तक गृह मंत्रालय, एनएसजी, दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा था. उन्होंने जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए हैं. भूटान में मौजूद होते हुए भी उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता है पीड़ितों की मदद, दोषियों की गिरफ्तारी और सच्चाई का पूरी पारदर्शिता के साथ खुलासा. भारत की जनता को आश्वस्त करता हूं कि न्याय अवश्य होगा.”
आध्यात्मिक संदेश के साथ शांति की अपील
भूटान में अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने शांति और मानवता का संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि “जहां एक ओर हम भगवान बुद्ध के अवशेषों के दर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हमें यह भी याद रखना होगा कि हिंसा और आतंक का कोई धर्म नहीं होता.उन्होंने प्रार्थना की कि ऐसी घटनाओं से दुनिया में शांति और करुणा की भावना और भी मजबूत हो.
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