महिलाओं को फ्री मोबाइल? वायरल हो रही PM योजना की सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश!

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पहुंच जितनी तेज़ी से बढ़ी है, उतनी ही रफ्तार से ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं. खास तौर पर सरकारी योजनाओं के नाम पर फैलाए जा रहे झूठे दावे लोगों को आसानी से निशाना बना रहे हैं.

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डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पहुंच जितनी तेज़ी से बढ़ी है, उतनी ही रफ्तार से ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं. खास तौर पर सरकारी योजनाओं के नाम पर फैलाए जा रहे झूठे दावे लोगों को आसानी से निशाना बना रहे हैं. हाल ही में “प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल योजना” को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक भ्रम फैलाया गया, जिसमें दावा किया गया कि सरकार महिलाओं, छात्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मुफ्त स्मार्टफोन दे रही है. लेकिन सच्चाई इन दावों से बिल्कुल अलग है.


सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो और पोस्ट्स में यह कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत सिर्फ एक ऑनलाइन फॉर्म भरने पर मुफ्त मोबाइल दिया जाएगा. इन पोस्ट्स में सरकारी शब्दावली, योजनाओं जैसे नाम और आकर्षक वादों का इस्तेमाल किया जाता है ताकि लोग इसे असली मान लें. खासतौर पर महिलाओं और छात्रों को प्राथमिकता देने की बात कहकर भरोसा जल्दी जीतने की कोशिश की जाती है.

लोगों को जाल में फंसाने का तरीका

इस कथित योजना से जुड़े लिंक पहली नजर में बिल्कुल सरकारी वेबसाइट जैसे दिखते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उससे नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड जैसी निजी जानकारी मांगी जाती है. कई मामलों में आगे चलकर ओटीपी या बैंक से जुड़ी डिटेल्स भी मांगी जाती हैं. यही जानकारी बाद में फ्रॉड, अकाउंट हैकिंग या पहचान की चोरी के लिए इस्तेमाल की जाती है.

PIB ने बताई सच्चाई

इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने स्थिति साफ कर दी है. PIB ने स्पष्ट रूप से कहा है कि “प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल योजना” नाम की कोई भी योजना केंद्र सरकार ने शुरू नहीं की है. PIB की फैक्ट-चेक टीम ने चेतावनी दी है कि ठग लोकप्रिय सरकारी योजनाओं के नाम का सहारा लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं.

ऐसे ऑनलाइन स्कैम आमतौर पर कैसे काम करते हैं

अधिकतर मामलों में पहले एक लुभावना ऑफर सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है. इसके साथ एक संदिग्ध वेबसाइट का लिंक दिया जाता है, जहां लोगों से निजी जानकारी भरवाई जाती है. एक बार डाटा मिल जाने के बाद स्कैमर्स इसका गलत इस्तेमाल करते हैं. ध्यान रखने वाली बात यह है कि कोई भी असली सरकारी योजना कभी भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे, ओटीपी या बैंक डिटेल नहीं मांगती.

ऑनलाइन ठगी से खुद को कैसे बचाएं

किसी भी नई योजना पर भरोसा करने से पहले उसकी जानकारी सरकारी वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांचें. PIB के फैक्ट-चेक अपडेट्स पर नजर रखें. अगर कोई ऑफर जरूरत से ज्यादा आकर्षक लगे तो सतर्क हो जाएं. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें. जागरूकता ही ऐसे ऑनलाइन स्कैम से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है.

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