New Year Trip: नए साल की शुरुआत अगर ठंडी हवा, पहाड़ों की शांति और प्रकृति की गोद में हो, तो उससे बेहतर एहसास शायद ही कुछ और हो. लेकिन अक्सर न्यू ईयर पर शिमला, मनाली, मसूरी और नैनीताल जैसे फेमस हिल स्टेशन भारी भीड़ और महंगे होटलों की वजह से लोगों का मूड खराब कर देते हैं. ऐसे में अगर आप इस बार कम खर्च में, भीड़ से दूर और सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो दिल्ली के आसपास मौजूद कुछ ऑफबीट हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन विकल्प बन सकते हैं.
दरअसल, हर साल न्यू ईयर के मौके पर दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों का रुख करते हैं. लोकप्रिय डेस्टिनेशन पर भीड़ बढ़ते ही होटल के दाम आसमान छूने लगते हैं. लेकिन अब ट्रैवल ट्रेंड बदल रहा है. लोग लग्जरी होटल और भीड़भाड़ वाली जगहों के बजाय शांत, प्राकृतिक और बजट फ्रेंडली डेस्टिनेशन को तरजीह देने लगे हैं.
ऑफबीट ट्रैवल का बढ़ता क्रेज
पेशे से ट्रैवलर प्रतीक कौशिक, जिन्होंने भारत सहित अब तक 29 देशों की यात्रा की है, बताते हैं कि बीते पांच सालों में ऑफबीट और रिमोट इलाकों में घूमने का चलन तेजी से बढ़ा है. पहले जहां लोग शिमला, मनाली और नैनीताल जैसे हिल स्टेशन चुनते थे, वहीं अब होमस्टे, लोकल फूड और स्थानीय संस्कृति को एक्सप्लोर करने का ट्रेंड ज्यादा देखने को मिल रहा है.
उनके अनुसार, आज का ट्रैवलर बजट में यात्रा करना पसंद करता है और होमस्टे या हॉस्टल में ठहरकर स्थानीय लोगों से जुड़ना चाहता है. दिल्ली-एनसीआर के आसपास ऐसे कई हिल स्टेशन हैं, जो न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए शानदार और किफायती विकल्प साबित हो सकते हैं.
कसौली, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित कसौली एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है. यह दिल्ली से करीब 300 किलोमीटर दूर है और निजी वाहन से यहां पहुंचने में लगभग 6 घंटे लगते हैं. कसौली अपनी शांत गलियों, ब्रिटिशकालीन चर्च और पहाड़ी नजारों के लिए जाना जाता है.
यहां मंकी पॉइंट, मॉल रोड, क्राइस्ट चर्च, कसौली बैपटिस्ट चर्च और गिलबर्ट ट्रेल जैसी जगहें प्रमुख आकर्षण हैं. कसौली में बजट होमस्टे से लेकर लग्जरी होटल तक सभी विकल्प मौजूद हैं. 2 से 3 दिन का ट्रिप कसौली को अच्छे से एक्सप्लोर करने के लिए पर्याप्त है. सर्दियों में यहां हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है, जिससे न्यू ईयर का मजा और बढ़ जाता है.
काणाताल, उत्तराखंड
अगर आप भीड़-भाड़ से दूर शांत माहौल में छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो काणाताल एक बेहतरीन विकल्प है. उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित यह खूबसूरत गांव प्राकृतिक सुंदरता और सुकून के लिए जाना जाता है. दिल्ली से काणाताल की दूरी लगभग 270 किलोमीटर है और यहां 6 घंटे की ड्राइव में पहुंचा जा सकता है.
कौड़ियां फॉरेस्ट रेंज और इको पार्क यहां के प्रमुख आकर्षण हैं. ठंड के मौसम में काणाताल में कैंपिंग और बोनफायर का भी आनंद लिया जा सकता है. यहां कई बजट स्टे और होमस्टे मौजूद हैं, जहां परिवार के साथ आराम से ठहरा जा सकता है.
चकराता, उत्तराखंड
देहरादून के पास स्थित चकराता एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. दिल्ली से चकराता की दूरी लगभग 210 किलोमीटर है, जिसे करीब साढ़े पांच घंटे में तय किया जा सकता है.
यह जगह ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए खास तौर पर पसंद की जाती है. टाइगर फॉल ट्रैक, देवबन ट्रैक, मोरी टॉप ट्रैक और ऊंचे व्यू प्वाइंट्स यहां घूमने लायक हैं. सर्दियों में यहां बर्फबारी होती है, जिससे न्यू ईयर ट्रिप और रोमांचक बन जाती है. बजट ट्रैवलर्स के लिए यहां हॉस्टल, होमस्टे और किफायती होटल आसानी से मिल जाते हैं.
नारकंडा, हिमाचल प्रदेश
अगर आप नया साल शांत वातावरण और बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच मनाना चाहते हैं, तो नारकंडा एक शानदार विकल्प है. यह शिमला से सिर्फ 65 किलोमीटर दूर स्थित है. दिल्ली से नारकंडा पहुंचने में करीब 8 घंटे का समय लगता है.
न्यू ईयर के दौरान आप शिमला और नारकंडा को मिलाकर एक परफेक्ट ट्रिप प्लान कर सकते हैं. सर्दियों में नारकंडा की सड़कें बर्फ से ढकी रहती हैं और यहां स्नोफॉल के साथ कई स्नो एक्टिविटीज का भी आनंद लिया जा सकता है.
लैंसडाउन, उत्तराखंड
गढ़वाल क्षेत्र की पहाड़ियों में बसा लैंसडाउन एक शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो अपनी साफ-सुथरी सड़कों और प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है. दिल्ली से यहां पहुंचने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है.
लैंसडाउन में टिप इन टॉप प्वाइंट, भुल्ला ताल झील, सेंट मैरी चर्च, भालूगढ़ वॉटरफॉल जैसे दर्शनीय स्थल हैं. इसके अलावा संतोषी माता मंदिर और दुर्गा देवी मंदिर में दर्शन भी किए जा सकते हैं. यहां छोटे-बड़े ट्रैक भी मौजूद हैं, जो फैमिली और फ्रेंड्स के साथ घूमने के लिए अच्छे विकल्प हैं. ठहरने के लिए बजट होटल से लेकर लग्जरी स्टे तक उपलब्ध हैं.
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