कर्नाटक के बेलागावी जिले के हुलीकट्टी गांव में एक सरकारी स्कूल में बच्चों की सेहत अचानक खराब हो गई, जब उन्होंने जहरीला पानी पी लिया. इस मामले की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद मुस्लिम प्रिंसिपल सुलेमान गोरी नाईक का ट्रांसफर कराना था.
कैसे हुआ जहर का खेल?
जांच के दौरान पता चला कि स्कूल की पानी टंकी में जहरीला पदार्थ डलवाया गया था. इसके लिए एक 5वीं कक्षा के छात्र का इस्तेमाल किया गया, जिसे कृष्णा मदार नामक शख्स ने बोतल में जहर दिया और टंकी में डालने के लिए भेजा. पानी पीने के बाद 12 बच्चे बीमार पड़ गए. हालांकि, बच्चों की हालत गंभीर नहीं थी और उनका तुरंत इलाज किया गया. स्कूल स्टाफ और माता-पिता इस घटना से हड़कंप मच गया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और खतरे से बाहर हैं.
ब्लैकमेल की साज़िश
जांच में यह भी सामने आया कि कृष्णा मदार को दो व्यक्तियों ने ब्लैकमेल किया था. सागर पाटिल और नागनगौड़ा पाटिल ने उसे धमकाया कि यदि वह उनकी बात नहीं मानेगा तो उसकी इंटरकास्ट लव स्टोरी सार्वजनिक कर दी जाएगी. डर के कारण कृष्णा ने उनकी मंशा पूरी कर दी.
श्रीराम सेना का स्थानीय नेता है मास्टरमाइंड
पुलिस ने बताया कि इस जहर घोटाले के पीछे सागर पाटिल था, जो श्रीराम सेना का तालुका स्तर का अध्यक्ष है. उसने साफ किया कि उसका मकसद था कि किसी मुस्लिम प्रिंसिपल को स्कूल में कार्यभार न मिले. इस मामले में सागर पाटिल, नागनगौड़ा पाटिल और कृष्णा मदार को गिरफ्तार किया जा चुका है.
मुख्यमंत्री की कड़ी निंदा और भविष्य की कार्रवाई
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे घिनौने कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
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