प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगा अमेरिका का टूरिस्ट वीजा, ट्रंप सरकार ने क्यों लिया ऐसा फैसला?

अमेरिका ने अपनी वीज़ा नीति में बड़ा बदलाव कर दिया है. अब वह गर्भवती महिलाओं को टूरिस्ट वीज़ा देने से पहले यह सुनिश्चित करेगा कि उनका अमेरिका आने का इरादा केवल बच्चे को अमेरिकी धरती पर जन्म देना और उसे नागरिकता दिलाना न हो.

Pregnant women will not get American tourist visa
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

अमेरिका ने अपनी वीज़ा नीति में बड़ा बदलाव कर दिया है. अब वह गर्भवती महिलाओं को टूरिस्ट वीज़ा देने से पहले यह सुनिश्चित करेगा कि उनका अमेरिका आने का इरादा केवल बच्चे को अमेरिकी धरती पर जन्म देना और उसे नागरिकता दिलाना न हो. अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी आवेदन में यह संदेह होगा कि मुख्य उद्देश्य 'बर्थ टूरिज़्म' है, तो ऐसे वीज़ा आवेदन सीधे अस्वीकृत कर दिए जाएंगे.

यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका अपने वीज़ा सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में कदम उठा रहा है. दूतावास ने कहा कि यदि वीज़ा अधिकारी को लगता है कि किसी आवेदक का उद्देश्य सिर्फ़ बच्चे को अमेरिका में जन्म देकर उसे नागरिकता दिलाना है, तो उसे टूरिस्ट वीज़ा नहीं मिलेगा.

'बर्थ टूरिज़्म' पर अमेरिका का सख्त रुख

अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि वीज़ा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी ऐसे आवेदन को मंज़ूरी न दें जहाँ यात्रा का मुख्य लक्ष्य बच्चा अमेरिका में जन्म देने का प्रतीत हो. दूतावास ने चेताया कि यह प्रयास अमेरिकी वीजा नीति के दुरुपयोग के रूप में देखा जाएगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उन लोगों को सीधे निशाना बना रहा है, जो 'बर्थ राइट सिटिजनशिप' के लाभ को केवल अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के लिए एक आसान रास्ता मानते हैं.

प्रशासन की नई वीज़ा पहल- ट्रंप गोल्ड कार्ड

इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई वीज़ा पहल की घोषणा की है, जिसे ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ कहा जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत ऐसे अप्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता का मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके पास अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता है.

ट्रंप ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों को अमेरिका में रोकना है, जो शीर्ष विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने देश वापस लौट जाते हैं. ट्रंप ने कहा कि इंडस्ट्री, तकनीक, शोध और नवाचार की दुनिया में यह “शर्मनाक और हास्यास्पद” स्थिति है कि अमेरिका में शिक्षा लेने वाले मेधावी छात्र यहां से विदा होने के बाद देश छोड़ देते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक स्तर की प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें यहीं बनाए रखने में मदद करेगी.

क्या कहा ट्रंप ने?

व्हाइट हाउस में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि असाधारण क्षमताओं वाले लोगों को अमेरिका में रोका जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था, उद्योग और विज्ञान को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रतिभाशाली लोगों की जरूरत है, और उनकी योजना इसी उद्देश्य से तैयार की गई है.

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को अपनी पारंपरिक ताकत- वैश्विक प्रतिभा आकर्षित करने को खोने का खतरा है, और इसीलिए 'ट्रंप गोल्ड कार्ड' उस दिशा में बड़ा कदम हो सकता है.

क्या है 'ट्रंप गोल्ड कार्ड'?

'ट्रंप गोल्ड कार्ड' एक विशेष वीज़ा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत एक निर्धारित निवेश और प्रतिबद्धताओं के आधार पर प्रतिभाशाली अप्रवासियों को स्थायी रूप से अमेरिका में रहने और बाद में नागरिकता हासिल करने का अवसर मिलेगा. यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू होने वाली घोषणा का हिस्सा है और इससे अमेरिका में उच्च क्षमता वाले पेशेवरों को आकर्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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