पुणे में साइबर एक्सपर्ट के साथ ही हो गया खेला, ठगों ने लगाया 73 लाख का चूना, जानिए कैसे हुआ फ्रॉड?

Cyber Fraud: पुणे के एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ के साथ हुई ठगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठग अब कितनी चालाकी से लोगों को फंसाते हैं, चाहे उनकी तकनीकी समझ कितनी भी गहरी क्यों न हो.

Pune cyber expert duped of Rs 73 lakh by fraudsters here s how the entire scam unfolded
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Cyber Fraud: पुणे के एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ के साथ हुई ठगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठग अब कितनी चालाकी से लोगों को फंसाते हैं, चाहे उनकी तकनीकी समझ कितनी भी गहरी क्यों न हो. करीब ₹73.69 लाख के नुकसान के साथ यह मामला न सिर्फ साइबर फ्रॉड की जटिलताओं को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म किस तेजी से लोगों को अपनी पकड़ में ले रहे हैं. आइए जानते हैं कि यह पूरा किस्सा कैसे हुआ और इस तरह के घोटालों से बचने के क्या उपाय हैं.

ठगी की शुरुआत और कैसे हुआ शिकार

यह धोखाधड़ी अगस्त महीने में तब शुरू हुई जब पीड़ित को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया. उस लिंक पर क्लिक करते ही वह एक निवेश से जुड़े ग्रुप का हिस्सा बन गया, जहां कई लोग शेयर मार्केट की कथित सफल कमाई के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे थे. ग्रुप के एडमिन ने उसे एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने को कहा और एक खास ट्रेडिंग ऐप पर लॉगिन कराया, जिसमें “विशेष ट्रेडिंग मार्गदर्शन” का झांसा दिया गया.

धोखाधड़ी का जाल और पैसे का नुकसान

अगस्त के बीच से लेकर सितंबर के शुरू तक पीड़ित ने 55 बार में लगभग ₹73.69 लाख विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए. जब उसने अपने अकाउंट से ₹2.33 करोड़ निकालने की कोशिश की, तो स्कैमर्स ने 10% टैक्स के नाम पर और रकम की मांग की. इस दौरान उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है और उसने पुणे साइबर क्राइम पुलिस को मामले की जानकारी दी.

जांच में सामने आए खुलासे

पुलिस की जांच में पता चला कि इस प्रकार के स्कैम अक्सर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश ग्रुप के नाम पर चलाए जाते हैं. ठग खुद को SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार या विदेशी निवेशक बताकर लोगों को नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर करते हैं. ये ऐप्स असली लगने वाले इंटरफेस देते हैं, जिससे निवेशक भ्रमित होकर असली स्टॉक्स में निवेश समझकर पैसे डाल देते हैं. लेकिन जब पैसे निकालने की बात आती है, तो ऐप या वेबसाइट अचानक गायब हो जाती है.

ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से बचाव के तरीके

साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की ओर से आम लोगों को बार-बार आगाह किया जाता है कि वे किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें. अनजाने लिंक या संदेशों पर भरोसा न करें और अज्ञात खातों में पैसे ट्रांसफर करने से बचें. अपने मोबाइल और कंप्यूटर के सिक्योरिटी अपडेट नियमित रूप से करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन व मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें. साथ ही बैंक ट्रांजेक्शनों पर निगरानी रखकर किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करें.

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