पुतिन के इस कदम से NATO देशों में बढ़ी हलचल, पोलैंड में स्थित आखिरी रूसी कांसुलेट हुआ बंद; जानें पूरा मामला

Russia Poland Tensions: पोलैंड और रूस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. बुधवार को पोलैंड ने घोषणा की कि वह अपने देश में मौजूद रूस के आखिरी कांसुलेट को बंद कर देगा और हजारों सैनिकों को अहम ढांचों की सुरक्षा के लिए तैनात करेगा.

Putin increased the stir in NATO countries Russian Consulate in Poland was closed
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Russia Poland Tensions: पोलैंड और रूस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. बुधवार को पोलैंड ने घोषणा की कि वह अपने देश में मौजूद रूस के आखिरी कांसुलेट को बंद कर देगा और हजारों सैनिकों को अहम ढांचों की सुरक्षा के लिए तैनात करेगा. यह कदम उस रेलवे धमाके के बाद उठाया गया है, जिसके लिए पोलैंड ने रूस को जिम्मेदार ठहराया है.

पिछले सप्ताह वॉर्सॉ, लुब्लिन रेलवे लाइन पर धमाका हुआ, जो पोलैंड को यूक्रेन की सीमा से जोड़ता है और ह्यूमेनिटेरियन सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है. पोलैंड का दावा है कि इस धमाके में दो यूक्रेनी नागरिक शामिल थे, जो कथित तौर पर रूस के साथ मिलकर काम कर रहे थे.

पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकॉर्स्की ने संसद में इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया और बताया कि पहला कदम ग्दांस्क में रूस के अंतिम कांसुलेट को बंद करना होगा. इससे पहले क्राको और पोजनान में रूसी कांसुलेट पहले ही बंद किए जा चुके हैं.

सैन्य और सुरक्षा उपाय

रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक-कामिश ने कहा कि देश की रेल लाइनों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा के लिए करीब 10,000 सैनिक तैनात किए जाएंगे. पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से इस खतरे पर चर्चा की और दोनों देशों की एजेंसियों और रेलवे विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.

सिकॉर्स्की ने अन्य यूरोपीय देशों से भी अनुरोध किया कि वे रूसी राजनयिकों की शेंगेन क्षेत्र में आवाजाही को सीमित करें. उनका कहना है कि 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से पोलैंड और अन्य यूरोपीय देशों में आगजनी, तोड़फोड़ और साइबर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं.

रूस का पलटवार और आरोपों का खारिज करना

रूस ने पोलैंड के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. रूस ने पोलैंड की कार्रवाई को ‘रूसोफोबिया’ से प्रेरित बताया और चेतावनी दी कि वह भी पोलैंड के कूटनीतिक दफ्तरों पर प्रतिबंध लगाएगा.

इस बीच, पोलैंड ने स्पष्ट किया कि धमाका 15–16 नवंबर को रूस की खुफिया एजेंसियों के निर्देश पर दो यूक्रेनी नागरिकों द्वारा किया गया था. रूस का कहना है कि इस घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है.

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