रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमतौर पर अपनी सख्त निगाहों और गंभीर अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं, लेकिन तुर्कमेनिस्तान में आयोजित एक वैश्विक मंच पर उन्होंने ऐसा पल दिया, जिसने इंटरनेट का मूड ही बदल दिया. कूटनीतिक चर्चाओं के बीच पुतिन का एक बेहद छोटा-सा, मगर अर्थपूर्ण इशारा सोशल मीडिया पर छा गया.
शुक्रवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान के साथ बातचीत खत्म करने के बाद पुतिन जैसे ही बाहर निकले, उन्होंने एक रिपोर्टर की ओर देखा और आंखों से हल्का-सा इशारा किया. यह महज तीन सेकंड का पल था, लेकिन RT इंडिया द्वारा शेयर किया गया यह क्लिप देखते ही देखते वायरल हो गया. हालात ऐसे रहे कि इंटरनेशनल पीस एंड ट्रस्ट फोरम से जुड़ी यूक्रेन युद्ध, क्षेत्रीय तनाव और ऊर्जा सुरक्षा जैसी गंभीर चर्चाएं भी इस छोटे से वीडियो के सामने फीकी पड़ गईं. सोशल मीडिया पर यही क्लिप सबसे ज्यादा शेयर की जाने लगी.
बैठक के बाहर इंतजार, भीतर अचानक एंट्री
इस मंच पर केवल पुतिन का इशारा ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भूमिका भी चर्चा में रही. बताया जा रहा है कि पुतिन से तय मुलाकात के लिए शहबाज शरीफ को करीब 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. लंबे इंतजार से परेशान होकर वह अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ उस बैठक कक्ष में पहुंच गए, जहां पुतिन और एर्दोगान की बातचीत चल रही थी. हालांकि यह मौजूदगी ज्यादा देर तक नहीं रही. शहबाज शरीफ करीब दस मिनट बाद अकेले ही वहां से बाहर निकल आए. इस घटनाक्रम ने भी सम्मेलन के दौरान अनौपचारिक चर्चाओं को हवा दी.
अश्गाबात में क्यों अहम था यह सम्मेलन
तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात में आयोजित यह सम्मेलन देश की 30 साल की आधिकारिक तटस्थता के अवसर पर रखा गया था. संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित इस मंच का मकसद अंतरराष्ट्रीय तनाव कम करना और संवाद को बढ़ावा देना बताया गया. रूस, तुर्की, ईरान और पाकिस्तान समेत कई देशों के शीर्ष नेता इसमें शामिल हुए.
यूक्रेन पर बातचीत, लेकिन सीमित जानकारी
सूत्रों के मुताबिक बंद कमरे में हुई बातचीत में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने पुतिन के सामने यूक्रेन का मुद्दा उठाया. उन्होंने बंदरगाहों और ऊर्जा ढांचे के आसपास सीमित संघर्षविराम की संभावना पर विचार करने का सुझाव दिया. बाद में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच संवाद में कोई कमी नहीं है और एक-दूसरे के यहां दौरे के निमंत्रण भी दिए गए हैं.
कूटनीति से ज्यादा याद रहा एक इशारा
लेकिन तमाम गंभीर चर्चाओं के बावजूद, सम्मेलन का सबसे यादगार पल वही रहा जब पुतिन बाहर निकलते हुए एक पत्रकार की ओर देखते हैं और आंखों से हल्का-सा संकेत देते हैं. यही छोटा-सा इशारा अंतरराष्ट्रीय राजनीति के भारी-भरकम एजेंडे पर भारी पड़ गया और सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया.
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