CM Bhajanlal On Aravalli Range: राजस्थान में अरावली पर्वतमाला को लेकर मचे राजनीतिक और सामाजिक घमासान के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा और स्पष्ट बयान सामने आया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अरावली से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि राज्य में अरावली क्षेत्र में खनन का कोई नया पट्टा जारी नहीं किया जाएगा. उनके इस बयान को मौजूदा विवाद के बीच एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार, 22 दिसंबर, को झालावाड़ में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने अरावली को लेकर अपनी सरकार की स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है.
अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, हमारी पहचान है।
— khivraj Gurjar Karmawas Patta sojat Pali (@khivrajgurjar9) December 22, 2025
मैं सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि अरावली पूरी तरह सुरक्षित है। इससे कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।
- मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी @BhajanlalBjp#AravalliIsSafe pic.twitter.com/3O6r4k3JOi
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता सोशल मीडिया पर ‘सेव अरावली’ लिखी डीपी लगाकर जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, सिर्फ डीपी बदलने से अरावली नहीं बचेगी, बल्कि इसके लिए मजबूत इच्छाशक्ति और ठोस फैसलों की जरूरत होती है.
कांग्रेस पर लोगों को गुमराह करने का आरोप
सीएम भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अरावली के मुद्दे पर जनता को बरगलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अरावली को लेकर सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाले फैसले लेने के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन
गौरतलब है कि सोमवार को राजस्थान के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में अरावली के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए. कई जगहों पर हालात तनावपूर्ण भी हो गए थे. खनन और पर्यावरण से जुड़े संगठनों के साथ-साथ आम लोग भी सड़कों पर उतरे थे.
ऐसे में मुख्यमंत्री के इस ऐलान को लेकर माना जा रहा है कि इससे आंदोलन की तीव्रता कुछ कम हो सकती है और माहौल शांत होने की दिशा में बढ़ सकता है.
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और सियासी तंज
मुख्यमंत्री के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस बयान को लेकर तंज कसते हुए कहा कि यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली से “पर्ची” आए बिना अपनी मर्जी से कोई बात कही है.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपने इस बयान पर कायम रहेंगे और अरावली से जुड़े नियमों में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों को वापस करवाने के लिए दबाव बनाएंगे.
जन आंदोलन के दबाव का असर?
टीकाराम जूली का कहना है कि पूरे प्रदेश में चल रहे जन आंदोलनों के दबाव के चलते ही मुख्यमंत्री को यह घोषणा करनी पड़ी है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अपने बयान से पीछे हटती है या अरावली को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी.
डैमेज कंट्रोल की कोशिश या ठोस नीति?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह बयान डैमेज कंट्रोल की रणनीति का हिस्सा है. हालांकि, जिस तरह से उन्होंने खनन को लेकर साफ शब्दों में नई पट्टों पर रोक की बात कही है, उससे कांग्रेस भी खुलकर विरोध करने के बजाय बयान का स्वागत करने को मजबूर हुई है.
आंदोलन के थमने की उम्मीद
फिलहाल मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि अरावली को लेकर राजस्थान में चल रहा राजनीतिक और सामाजिक घमासान कुछ हद तक शांत हो सकता है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस बयान को जमीन पर किस तरह लागू करती है और क्या आने वाले दिनों में अरावली संरक्षण को लेकर ठोस फैसले देखने को मिलते हैं या नहीं.