बाढ़ से जूझ रहा राजस्थान, कोटा और बूंदी में वायुसेना ने Mi-17 किया तैनात, राहत कार्य तेज

Southeastern Rajasthan Floods: राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों में बीते कुछ दिनों से भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है. कई निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, गाँवों का संपर्क टूट चुका है, और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

Rajasthan is facing floods Air Force has deployed Mi-17 in Kota and Bundi
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Southeastern Rajasthan Floods: राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों में बीते कुछ दिनों से भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है. कई निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, गाँवों का संपर्क टूट चुका है, और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. ऐसे में राहत की एक बड़ी किरण बनकर सामने आई है भारतीय वायुसेना (IAF) की तैनाती.

Mi-17 हेलीकॉप्टर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए तैनात कर दिया गया है, जबकि IAF ने संकेत दिया है कि ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें भी भरने को तैयार हैं.

 Mi-17 हेलीकॉप्टर की तैनाती

सूत्रों के मुताबिक, कोटा एयरफील्ड पर वायुसेना के संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखा गया है. Mi-17 हेलीकॉप्टर को कोटा और बूंदी क्षेत्रों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और आपात स्थिति में उन्हें निकालने के लिए सक्रिय किया गया है.

वायुसेना की ये तैनाती ऐसे समय में हुई है जब लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल संपर्क बाधित हो गया है और कई गाँव पानी में पूरी तरह से कट गए हैं.

संयुक्त राहत अभियान जारी

इससे पहले शुक्रवार को भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने कोटा व अन्य वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य चलाया. इन अभियानों के तहत सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

पूर्वी राजस्थान में हालात गंभीर

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में रिकॉर्ड स्तर की बारिश हुई है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. निचले इलाकों में पानी भरने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं. घरों में पानी घुस चुका है, बिजली सप्लाई ठप है और सड़कों पर आवागमन लगभग रुका हुआ है.

बचाव कार्यों में तेजी और जनसहयोग की ज़रूरत

प्रशासन, राहत एजेंसियाँ और सशस्त्र बल लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों से भी सहयोग और सतर्कता की अपील की जा रही है. आपदा की इस घड़ी में यह समय एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद करने का है.

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