भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहराई देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.
गुरुवार को रक्षा मंत्री कैनबरा पहुंचे, जहां ऑस्ट्रेलिया के सहायक रक्षा मंत्री पीटर खलील और संयुक्त अभियान प्रमुख वाइस एडमिरल जस्टिन जोंस ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया की रॉयल एयरफोर्स के विशेष विमान KC-30A में सफर कर रणनीतिक सहयोग का प्रत्यक्ष अनुभव भी किया.
KC-30A में सफर, F-35 से जुड़ी जानकारी भी ली
सिडनी से कैनबरा की यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने RAAF के KC-30A विमान में हवा से हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया को देखा और F-35 लड़ाकू विमानों के साथ ईंधन भरने से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी ली. यह अनुभव भारत और ऑस्ट्रेलिया के वायुसेना सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच हुए एक नए समझौते के तहत वर्ष 2024 से भारतीय सशस्त्र बलों और RAAF के बीच हवा में ईंधन भरने की क्षमता को साझा किया जाएगा.
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh onboard KC-30A Australian Royal Australian Airforce multirole tanker transport aircraft. He witnessed the air-to-air refuelling of F-35 while travelling from Sydney to Canberra.
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) October 9, 2025
India and Australia had signed an agreement allowing the Royal… pic.twitter.com/QoCFjLFW7J
सोशल मीडिया पर साझा की यात्रा की झलक
राजनाथ सिंह ने इस यात्रा से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा कि कैनबरा के रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फ़ोर्स बेस पर पहुंचने पर ऑस्ट्रेलिया के सहायक रक्षा मंत्री पीटर खलील ने गर्मजोशी से स्वागत किया. मैं अपने मित्र, ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ द्विपक्षीय बैठक को लेकर उत्साहित हूं.
‘वेलकम टू कंट्री’ रस्म में हुआ सम्मान
कैनबरा के संसद भवन में राजनाथ सिंह का स्वागत पारंपरिक ‘Welcome to Country’ समारोह के साथ किया गया. यह ऑस्ट्रेलिया की एक सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें भूमि के पारंपरिक संरक्षकों को सम्मान दिया जाता है और शांति एवं मित्रता का संदेश साझा किया जाता है. यह समारोह उस मजबूत रिश्ते को दर्शाता है जो दोनों देशों के बीच ना केवल रणनीतिक, बल्कि सांस्कृतिक समझ को भी रेखांकित करता है.
तीन प्रमुख रक्षा समझौतों पर बनी सहमति
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