Rise and Fall Vs Bigg Boss: भारत में रियलिटी शो की होड़ तेज़ हो गई है, और अब इस रेस में एक नया खिलाड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है, "राइज एंड फॉल". जहां एक ओर कलर्स पर सलमान खान का बिग बॉस 19वें सीज़न में पहुंच चुका है, वहीं दूसरी ओर MX Player और Amazon Mini TV पर स्ट्रीम हो रहा ये नया रियलिटी शो लोगों की ज़बान पर चढ़ता दिख रहा है.
शो के होस्ट अशनीर ग्रोवर का दावा है कि 'राइज एंड फॉल' ने अपने पहले ही हफ्ते में कई टीवी शोज़ को पीछे छोड़ दिया है. भले ही उन्होंने सीधे तौर पर किसी शो का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर बिग बॉस की ओर था.
"स्पॉन्सर्स बढ़े, व्यूज़ भी!"
शो के पहले वीकेंड एपिसोड में अशनीर ग्रोवर खुद सेट पर पहुंचे और कंटेस्टेंट्स से बातचीत करते हुए बोले, "स्पॉन्सर्स की लिस्ट लंबी होती जा रही है. इसका मतलब शो चल रहा है, पैसा भी आ रहा है और लोग देख भी रहे हैं."
इस कमेंट को रियलिटी शो स्पेस में एक बड़ा स्टेटमेंट माना जा रहा है, खासकर तब जब बिग बॉस जैसी लंबे समय से चली आ रही फ्रेंचाइज़ी के सामने एक नया शो तेजी से दर्शकों को अपनी ओर खींच रहा है.
सलमान खान पर अप्रत्यक्ष हमला?
शो लॉन्च से पहले भी अशनीर ने रियलिटी टीवी के कॉन्सेप्ट पर सवाल उठाते हुए कहा था, "रियलिटी शो कंटेस्टेंट्स के बारे में होने चाहिए, न कि किसी सुपरस्टार के वीकेंड एंट्री के शो के हाईजैक करने के बारे में."
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह स्पष्ट था कि यह तंज सलमान खान और बिग बॉस की ओर ही था. यह बयान अब 'राइज एंड फॉल' के फॉर्मेट की तुलना में और ज़्यादा ध्यान खींच रहा है.
‘राइज एंड फॉल’ की लोकप्रियता में उछाल
शुरुआत में सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स को लगा कि यह शो बिग बॉस जैसी पकड़ नहीं बना पाएगा, लेकिन भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और टीवी फेम अर्जुन बिजलानी की मौजूदगी ने शो में जबरदस्त ऊर्जा भर दी है.
पवन सिंह का मनमौजी लेकिन दबंग अंदाज़ दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है. अर्जुन बिजलानी का माइंड गेम बाकी कंटेस्टेंट्स के लिए चुनौती बन गया है. वहीं आकृति, आरूष, धनश्री और अहाना जैसे कंटेस्टेंट्स अपनी रियल पर्सनैलिटी से शो में संतुलन बना रहे हैं. कुछ कंटेस्टेंट्स, जैसे कि अरबाज, शो को बिग बॉस समझ बैठे हैं, जिसका असर टकराव और आक्रामकता में भी दिख रहा है.
‘पेंटहाउस बनाम बेसमेंट’
'राइज एंड फॉल' की तुलना बिग बॉस से इसीलिए भी हो रही है क्योंकि इसमें भी टास्क, एलिमिनेशन, ग्रुपिज़्म और प्लॉटिंग जैसे एलिमेंट्स शामिल हैं. हालांकि इसकी यूएसपी है कंटेस्टेंट्स का डिवीजन, रूलर्स और वर्कर्स में.
रूलर्स पेंटहाउस में रहते हैं, फैसले लेते हैं, टास्क डिजाइन करते हैं. वर्कर्स बेसमेंट में रहते हैं और गेम के हर टास्क के ज़रिए खुद को ऊपर लाने की कोशिश करते हैं. हर दिन समीकरण बदलते हैं, पावर शिफ्ट होती है और नए एलायंस बनते-बिगड़ते हैं.
बिग बॉस को मिल रही टक्कर?
जहां बिग बॉस अपने फार्मेट में अब थोड़ी थकान दिखाने लगा है, वहीं 'राइज एंड फॉल' ने गेम-थीम और असली पावर डाइनैमिक्स के जरिए दर्शकों में नई रुचि पैदा की है.
OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रहे इस शो की पहुंच यंग ऑडियंस तक तेजी से बन रही है, और अगर इसी रफ्तार से शो की लोकप्रियता बनी रही, तो जल्द ही यह बिग बॉस के लिए एक मजबूत कंटेंडर साबित हो सकता है.
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