अजरबैजान से किस बात की माफी मांग रहे पुतिन? पहली बार स्वीकार की अपनी गलती

महीनों की खामोशी और कयासों के बाद आखिरकार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार कर लिया है कि दिसंबर 2024 में अजरबैजान का जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, वह रूसी एयर डिफेंस सिस्टम की चूक का नतीजा था.

Russia attacked azerbaijan plane by mistakenly putin appologise
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महीनों की खामोशी और कयासों के बाद आखिरकार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार कर लिया है कि दिसंबर 2024 में अजरबैजान का जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, वह रूसी एयर डिफेंस सिस्टम की चूक का नतीजा था.

यह विमान बाकू से ग्रोज़्नी जा रहा था, जिसमें 67 लोग सवार थे. हादसे में 38 यात्रियों की मौत हो गई थी. अब तक इसे एक "दुर्भाग्यपूर्ण हादसा" कहकर टालते रहे पुतिन ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से इस घटना की जिम्मेदारी ली और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से माफी मांगी.

यूक्रेनी ड्रोनों को निशाना बना रहा था रूस, लेकिन चूक गया निशाना

पुतिन ने बयान में बताया कि रूसी एयर डिफेंस बल यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराने की कोशिश कर रहे थे, जब उन्होंने मिसाइलें छोड़ीं. लेकिन एक मिसाइल विमान के पास ही फट गई, जिससे विमान पश्चिमी कजाकिस्तान के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पहले रूस ने इस बात से इनकार किया था कि उसकी किसी कार्रवाई का इससे कोई संबंध है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव और अजरबैजान की सख्ती के बाद आखिरकार यह स्वीकारोक्ति सामने आई है.

अलीयेव ने की निष्पक्ष जांच की मांग

दुशांबे में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान अजरबैजानी राष्ट्रपति अलीयेव ने पुतिन के सामने दो टूक कहा कि अजरबैजान इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहता है. उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा प्रणालियों और संचार तंत्र को बेहतर करना अब वक्त की मांग है. अलीयेव ने कहा, "हमारे नागरिकों की जान गई है. हम उनके परिवारों को केवल सांत्वना नहीं, बल्कि न्याय भी दिलाना चाहते हैं."

पुतिन का भरोसा बहाल करने की कोशिश

रूसी राष्ट्रपति ने इस हादसे के लिए शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने का वादा किया है. विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन की यह माफ़ी न सिर्फ एक राजनयिक दबाव के तहत आया कदम है, बल्कि यह रूस और अजरबैजान के बीच डगमगाए रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश भी है.

हादसे के बाद रिश्तों में आई दरार

घटना के बाद अजरबैजान ने खुलकर आरोप लगाए थे कि रूस ने जानबूझकर सच्चाई छुपाई और हादसे की जांच को प्रभावित किया. इस कारण दोनों देशों के बीच जो भरोसा था, वह गहराई से झकझोर गया. जहां पहले दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को लेकर मजबूत रिश्ते थे, अब अजरबैजान ने रूसी सैन्य गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है. रूस में रह रहे अजरबैजानी नागरिकों के भीतर भी इस दुर्घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया है.

संवाद और सहयोग की ओर लौटेंगे

रूस की स्वीकारोक्ति के बाद उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश इस दर्दनाक अध्याय से आगे बढ़ते हुए संवाद और सहयोग की ओर लौटेंगे. लेकिन ये भी स्पष्ट है कि भरोसे की बहाली आसान नहीं होगी. इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि सुरक्षा में छोटी-सी चूक भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है और इसका असर केवल दो देशों पर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्रीय समीकरण पर पड़ सकता है.

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