अमेरिका में हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बैठक के बाद दुनिया को उम्मीद थी कि शायद यूक्रेन में लंबे समय से जारी युद्ध को विराम मिल सकेगा. लेकिन इन उम्मीदों को करारा झटका देते हुए रूस ने कीव पर अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला कर डाला. इस हमले में कम से कम 18 नागरिकों की जान चली गई, जिनमें चार मासूम बच्चे भी शामिल हैं.
गुरुवार को हुए इस हमले में रूस की ओर से किए गए हवाई हमलों की चपेट में यूरोपीय संघ और ब्रिटिश काउंसिल की इमारतें भी आ गईं. इससे गुस्साए यूरोपीय संघ (EU) और यूनाइटेड किंगडम (UK) ने अपने-अपने देशों में शीर्ष रूसी राजनयिकों को तलब कर जवाब मांगा है.
कीव पर रातभर बरसे ड्रोन और मिसाइलें
यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूसी सेना ने रातभर में 629 हवाई हमले किए, जिनमें से 598 ड्रोन और 31 मिसाइलें थीं. कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि मारे गए लोगों में 2, 14 और 17 साल के बच्चे भी शामिल हैं.
जेलेंस्की ने बताया “जानबूझकर की गई नागरिक हत्या”
इस हमले को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसे “निर्दोष नागरिकों की भयावह और सुनियोजित हत्या” करार दिया.अपने पहले पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा था, “आज रूस की मिसाइलें और ड्रोन उन सभी के लिए जवाब हैं जो महीनों से युद्धविराम और कूटनीति की उम्मीद लगाए बैठे हैं.”
रूस का रुख: बातचीत की बात, लेकिन हमले जारी
दूसरी ओर, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने दावा किया कि रूस अभी भी शांति वार्ता में दिलचस्पी रखता है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि जो कुछ भी हो रहा है, वह रूस की नजर में अभी भी एक “विशेष सैन्य अभियान” है.
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