Oreshnik Missile On Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद गंभीर और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. रूस ने हाल ही में दावा किया है कि उसने यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र में अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरेशनिक’ का इस्तेमाल करते हुए हमला किया है. यह इलाका नाटो और यूरोपीय संघ की सीमा के बेहद करीब है, जिससे पूरे यूरोप में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं.
यूक्रेन ने इस हमले की पुष्टि की है और इसे रूस का आतंकित करने वाला प्रतीकात्मक कदम बताया है. कीव के अधिकारियों का कहना है कि यह हमला न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से किया गया है.
BREAKING 🔥🇺🇦
— Frankie™️🦅 (@B7frankH) January 9, 2026
Ukraine Lyviv Oblast
Ukraine confirms that the missile that hit the Lviv region flew at a speed of about 13,000 km/h along a ballistic trajectory.
It makes it clear that an Oreshnik IRBM with MIRV technology was used in the attack.
It’s the second time an ICBM or… pic.twitter.com/VoXsd3sXgd
रूस का रुख और पृष्ठभूमि
रूस के इस हमले को यूक्रेन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है. दरअसल, 30 दिसंबर 2025 को यूक्रेन ने रूस के नोवगोरोड क्षेत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सरकारी आवास को निशाना बनाने की कोशिश की थी. हालांकि, रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने उस हमले को समय रहते नाकाम कर दिया.
रूस ने अब इस कथित यूक्रेनी हमले के जवाब में अपने नए हथियारों का प्रदर्शन किया है. वहीं, यूक्रेन ने इस आरोप को पूरी तरह नकारते हुए इसे बेबुनियाद और झूठा बताया.
ओरेशनिक मिसाइल: रूस की नई ताकत
‘ओरेशनिक’ हाइपरसोनिक मिसाइल का नाम रूसी भाषा में हेजल ट्री से लिया गया है. इसे रूस अपनी नई सैन्य शक्ति का प्रतीक बता रहा है. रूस का दावा है कि यह मिसाइल ध्वनि की गति से दस गुना तेज है और इसे रोक पाना लगभग असंभव है.
पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञ इस दावे पर संदेह जताते हैं और इसे कहीं अधिक बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया मानते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, हाइपरसोनिक तकनीक युद्ध में रणनीतिक बदलाव ला सकती है, लेकिन इसे रोकना पूरी तरह असंभव नहीं है.
यूक्रेन का जवाब और यूरोप की चिंता
यूक्रेन ने स्पष्ट किया है कि यूरोपीय संघ और नाटो की सीमा के पास इस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है. यूक्रेनी विदेश मंत्री ने कहा कि रूस का यह हमला पूरी तरह अप्रमाणित और राजनीतिक रूप से प्रेरित है.
इसके साथ ही रूस ने कीव पर भी रात में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों को निशाना बनाया गया. इनमें कम से कम एक नागरिक की मौत हुई, जबकि राहत कार्य में जुटे पाँच बचावकर्मी घायल हो गए. यूक्रेन और अमेरिका दोनों ने रूस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह हमला पुतिन के आवास पर कथित यूक्रेनी ड्रोन हमले के जवाब में नहीं किया गया था.
यूरोप और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर असर
इस घटनाक्रम से यूरोप में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है. पश्चिमी देशों ने रूस के इस हमले को चुनौती के रूप में देखा है, क्योंकि यह नाटो और यूरोपीय संघ की सीमाओं के बेहद करीब हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरसोनिक हथियारों का इस्तेमाल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है और शांति प्रयासों को खतरे में डाल सकता है.
यूक्रेन की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच संभावित अगले कदम क्या होंगे. दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा और हताहतों की संख्या भी चिंता का बड़ा कारण बन रही है.
ये भी पढ़ें- उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड का टॉर्चर, कोहरे और पाले से लोग बेहाल, जानिए अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम