लंदन से उठी कूटनीतिक हलचल ने बुधवार को पूरा वैश्विक ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जब ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ बेहद सख्त लहजा अपनाते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सीधी चेतावनी दे दी. ब्रिटेन का आरोप है कि रूस एक उच्च-तकनीकी जासूसी जहाज को उसके समुद्री क्षेत्र के बेहद नज़दीक संचालित कर रहा है और इस पोत ने ब्रिटिश ‘रॉयल एयर फोर्स’ के पायलट को लेजर का निशाना भी बनाया है.
रक्षा मंत्री जॉन हेली ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट कर दिया कि रूस की ऐसी हरकतें अब ब्रिटेन बर्दाश्त नहीं करेगा. इसके साथ ही उन्होंने विश्वभर में बढ़ते तनाव खासकर भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित सशस्त्र संघर्ष—का हवाला देकर ब्रिटेन को अपनी सैन्य उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया.
स्कॉटलैंड के उत्तरी क्षेत्र में रूसी गतिविधियों से बढ़ी बेचैनी
ब्रिटेन के अनुसार ‘यांतर’ नाम का रूसी जहाज कई दिनों से स्कॉटलैंड के उत्तर में ब्रिटिश सीमाओं के बेहद करीब देखा गया है. यह वही जहाज है जिसे दुनिया की सबसे उन्नत जासूसी क्षमताओं वाले पोतों में से एक माना जाता है. हेली के मुताबिक, यह जहाज न सिर्फ ब्रिटेन के समुद्री बुनियादी ढांचे के लिए खतरा है, बल्कि इसकी गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि रूस किसी न्यू मैरिटाइम स्ट्रैटेजी को सक्रिय करने की कोशिश में है.रॉयल नेवी की एक फ्रिगेट और आरएएफ के पी-8 विमान को इस जहाज पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है. इस दौरान, ब्रिटेन के मुताबिक, यांतर ने ब्रिटिश पायलट को लेजर किरणों से निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों का सीधा उल्लंघन है.हेली का संदेश बेहद दो-टूक था पुतिन और रूस को साफ-साफ बताना चाहता हूं—हम सब देख रहे हैं. हम जानते हैं कि आप क्या कर रहे हैं. अगर यह जहाज दक्षिण की ओर बढ़ा तो हम पूरी तरह तैयार हैं.
विश्व व्यवस्था में बढ़ रहे खतरे
अपने बयान में हेली ने बताया कि दुनिया अब पहले जैसी शांत नहीं रही. पिछले एक साल में कई घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती दी है. पश्चिम एशिया में इजराइल-ईरान तनाव युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया. भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र टकराव की आशंकाएं बढ़ीं. ब्रिटेन में चीनी जासूसी नेटवर्क की गतिविधियां उजागर हुईं, और रूस ने यूक्रेन में युद्ध को और भयंकर रूप दे दिया. इन्हीं घटनाओं के बीच यूरोप में ड्रोन हमले बढ़े, नाटो हवाई क्षेत्र में रूसी घुसपैठ के मामले दोगुने हो गए और सिर्फ ब्रिटेन को 90,000 साइबर हमलों का सामना करना पड़ा.हेली के शब्दों में हम एक नए खतरे के युग में प्रवेश कर चुके हैं. इसके लिए मजबूत सैन्य साझेदारियों और नई कूटनीतिक रणनीतियों की जरूरत है.
ब्रिटेन बना रहा है ‘भविष्य के हथियार कारखाने’
इस चेतावनी के साथ ही ब्रिटेन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपने हथियार उत्पादन ढांचे को तेज रफ्तार पर ले जाएगा.देशभर में 13 नए स्थानों पर “फ्यूचर डिफेंस फैक्टरीज़” की स्थापना की तैयारी. दो नए ड्रोन निर्माण कारखाने इसी सप्ताह शुरू. उन्नत तकनीक, स्वदेशी उत्पादन और तेज युद्ध तैयारी पर फोकस. हेली का दावा है कि रक्षा क्षेत्र में नवाचार के मामले में ब्रिटेन विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने जा रहा है और आने वाले महीनों में इसकी रफ्तार और भी बढ़ेगी.
यह भी पढ़ें: एक गोली खाकर इंसान की उम्र हो जाएगी 150 साल? चीन की Longevity Pill का सच जानकर हिल जाएगा दिमाग