चौथी मंजिल तक बर्फ ही बर्फ, घर के आगे बन गया बर्फीला पहाड़; VIDEO वायरल

Kamchatka snowfall: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप इन दिनों भीषण सर्दी और भारी बर्फबारी की चपेट में है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि स्थानीय लोग इसे सामान्य मौसम नहीं, बल्कि “बर्फ की तबाही” के तौर पर देख रहे हैं.

Russia Snowfall at Kamchatka snowfall at fourth floor video goes viral
Image Source: Social Media

Kamchatka snowfall: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप इन दिनों भीषण सर्दी और भारी बर्फबारी की चपेट में है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि स्थानीय लोग इसे सामान्य मौसम नहीं, बल्कि “बर्फ की तबाही” के तौर पर देख रहे हैं. लगातार आए सर्दी के तूफान के बाद यहां ऐसी बर्फबारी हुई है, जिसने कई दशक पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और जनजीवन पूरी तरह ठप कर दिया है.


इस भीषण बर्फबारी के चलते सड़कें, वाहन और पूरे-के-पूरे रिहायशी इलाके मोटी बर्फ की परत में दब गए हैं. कई जगहों पर बर्फ की ऊंचाई बहुमंजिला इमारतों के बराबर पहुंच गई है. हालात ऐसे हैं कि शहरों की सड़कों और इमारतों को पहचानना तक मुश्किल हो गया है और चारों ओर सिर्फ सफेद चादर जैसी तस्वीर नजर आ रही है.

हादसे में दो लोगों की जान गई

स्थानीय आपातकालीन मंत्रालय के अनुसार, इस भयानक बर्फबारी के दौरान दर्दनाक हादसे भी सामने आए हैं. छतों पर जमा भारी बर्फ अचानक गिरने से 60 वर्ष की उम्र के दो लोगों की मौत हो गई. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है.

तीन दशकों का टूटा रिकॉर्ड

रूस की राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि कामचटका में बीते कुछ दिनों में जितनी बर्फ गिरी है, वह पिछले 30 से अधिक वर्षों में सबसे ज्यादा है. कई इलाकों में बर्फ की मोटाई चार मीटर (करीब 13 फीट) तक दर्ज की गई है, जिसने प्रशासन और राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

1970 के बाद पहली बार ऐसे हालात

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सर्दी का तूफान हाल के दशकों में सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक माना जा रहा है. कई जिलों में बर्फ की गहराई दो मीटर से भी ज्यादा हो चुकी है. इतना ज्यादा हिमपात आखिरी बार 1970 के दशक की शुरुआत में देखने को मिला था. लगातार कई दिनों तक चली बर्फबारी ने पूरे इलाके को लगभग ठप कर दिया है.कुल मिलाकर, कामचटका प्रायद्वीप इस वक्त कुदरत की एक असाधारण और खतरनाक चुनौती का सामना कर रहा है, जहां जनजीवन को पटरी पर लाना प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है.

यह भी पढ़ें: क्या ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई करेगा अमेरिका, कब और कैसे होगा हमला? ट्रंप ने दे दिया जवाब