Russia-Ukraine-US Trilateral Peace Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावोस पहुंचते ही अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज हो गई है. ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी से लेकर यूरोपीय संघ की नाराजगी जैसे मुद्दों के बीच ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान को भी प्राथमिकता में रखा है. दावोस में रहते हुए उन्होंने सीधे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात कर शांति समझौते की प्रगति का जायजा लिया.
इस मुलाकात के बाद राष्ट्रपति ट्रंप काफी आशावादी नजर आए. उन्होंने संकेत दिया कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसका अंत “कुछ ही घंटों” की दूरी पर हो सकता है. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की बैठक जल्द होने वाली है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. उनके अनुसार, आने वाला दिन रूस और यूक्रेन दोनों के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता है.
जेलेंस्की की यूरोप पर नाराजगी
गुरुवार को दावोस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई बैठक के बाद जहां ट्रंप सकारात्मक संदेश देते नजर आए, वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों को लेकर कड़ा रुख अपनाया. जेलेंस्की ने यूरोप को बिखरा हुआ बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाना सीखें.
उन्होंने ग्रीनलैंड के मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा कि कई यूरोपीय नेता इस इंतजार में हैं कि अमेरिका का रुख नरम पड़ेगा और हालात अपने आप सुधर जाएंगे. लेकिन जेलेंस्की ने सवाल उठाया कि अगर अमेरिका का रुख नहीं बदला, तो यूरोप के पास क्या विकल्प होंगे?
अपने भाषण के बाद मीडिया से बातचीत में जेलेंस्की की निराशा साफ झलकती दिखी. जब उनसे पूछा गया कि क्या यूक्रेन को अमेरिका से सुरक्षा की ठोस गारंटी मिल चुकी है, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा जरूर हुई है, लेकिन अभी औपचारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होना बाकी है.
पुतिन से बातचीत के लिए अमेरिकी टीम तैयार
इसी बीच रूस से बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंच चुका है. इस टीम का नेतृत्व ट्रंप के दामाद जेरेड कोरी कुशनर और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ कर रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली इस बैठक में 20 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी.
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यदि इस प्रस्ताव पर सहमति बन जाती है, तो रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से जारी युद्ध को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यह बातचीत युद्धविराम और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
यूएई में होगी ऐतिहासिक त्रिपक्षीय वार्ता
रूस-यूक्रेन शांति समझौते के लिहाज से आने वाला दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात एक त्रिपक्षीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहा है. इस बैठक में यूक्रेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे. दावोस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने जानकारी दी कि यह संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित अपनी तरह की पहली त्रिपक्षीय वार्ता होगी.
यह बैठक कल और परसों आयोजित की जाएगी और इससे युद्ध समाप्ति की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद की जा रही है. कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच इन बैठकों में सहमति बनती है, तो यह यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है. दावोस में चल रही ये गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध के भविष्य को लेकर अगले 48 घंटे बेहद निर्णायक हो सकते हैं.
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