बड़े से बड़ा हैकर भी इस मेड-इन-इंडिया मोबाइल को नहीं कर सकता हैक, जानें किन देशों के पास है ये हाई-टेक्नोलॉजी

भारतीय सेना अब पूरी तरह से स्वदेशी संचार प्रणाली पर भरोसा कर रही है. विदेशी मैसेजिंग ऐप्स और नेटवर्किंग सिस्टम्स पर निर्भरता खत्म करते हुए, सेना ने अपने सुरक्षित मोबाइल इकोसिस्टम 'संभव' (Secure Army Mobile Bharat Version) को सक्रिय रूप से अपनाया है.

Sambhav Made-in-India mobile that s nearly impossible to hack
Image Source: Freepik

भारतीय सेना अब पूरी तरह से स्वदेशी संचार प्रणाली पर भरोसा कर रही है. विदेशी मैसेजिंग ऐप्स और नेटवर्किंग सिस्टम्स पर निर्भरता खत्म करते हुए, सेना ने अपने सुरक्षित मोबाइल इकोसिस्टम 'संभव' (Secure Army Mobile Bharat Version) को सक्रिय रूप से अपनाया है. यह कदम केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि डिजिटल संप्रभुता की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग है.

ऑपरेशन सिंदूर में हुआ 'संभव' का प्रयोग

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के मुताबिक, पाकिस्तान के खिलाफ मई 2024 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में ‘संभव’ का इस्तेमाल एक प्रमुख कम्युनिकेशन टूल के रूप में किया गया. इस दौरान जवानों, कमांडरों और नीति-निर्माताओं के बीच हर स्तर पर इसी स्वदेशी मोबाइल सिस्टम के जरिए सुरक्षित संवाद हुआ.

WhatsApp नहीं, अब 'M-Sigma' है सेना की अपनी ऐप

जनरल द्विवेदी ने साफ किया कि अब भारतीय सेना WhatsApp जैसी विदेशी ऐप्स पर निर्भर नहीं है. इसकी जगह ली है ‘संभव’ के भीतर मौजूद M-Sigma नामक एक अत्याधुनिक स्वदेशी ऐप ने, जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सुरक्षा जैसे फीचर्स से लैस है.

5G-बेस्ड सिक्योरिटी, डेटा लीक का कोई खतरा नहीं

जनवरी 2024 में लॉन्च हुआ ‘संभव’ पूरी तरह से 5G टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह नेटवर्क-एग्नॉस्टिक यानी किसी भी नेटवर्क पर चल सके. इसमें टेक्स्ट, डॉक्यूमेंट, इमेज, ऑडियो और वीडियो सभी को सुरक्षित तरीके से साझा किया जा सकता है, वो भी बिना किसी लीक की आशंका के.

विदेशी ताकतों से बचाव अब पहले से मजबूत

डिजिटल जासूसी और साइबर हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, ‘संभव’ भारतीय सेना के लिए एक डिजिटल कवच बनकर उभरा है. विशेषज्ञों के अनुसार, आम मोबाइल नेटवर्क आसानी से हैक किए जा सकते हैं और संवेदनशील डेटा लीक होने का खतरा लगातार बना रहता है. ‘संभव’ इस चुनौती का जवाब है.

30,000 डिवाइस तैनात

भारतीय सेना ने अब तक 30,000 से ज्यादा ‘संभव’ डिवाइसेज अपने अधिकारियों को वितरित किए हैं. हाल ही में अक्टूबर 2024 में चीन के साथ हुई सैन्य बातचीत के दौरान भी इसी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब भारत अपनी संचार सुरक्षा को लेकर आत्मनिर्भर हो गया है.

भारत हाई-टेक डिफेंस क्लब में हुआ शामिल

अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन जैसे गिने-चुने देशों के पास ही पूरी तरह सुरक्षित सैन्य संचार तकनीक थी. ‘संभव’ की लॉन्चिंग के साथ ही भारत भी इस विशिष्ट क्लब का हिस्सा बन गया है. यह सिर्फ एक मोबाइल नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की सैन्य ताकत का प्रतीक बन चुका है.

‘संभव’ केवल एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना का जीवंत उदाहरण है. आने वाले समय में यह सिस्टम न सिर्फ सेना, बल्कि देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक विश्वसनीय और सुरक्षित संचार माध्यम बन सकता है.

ये भी पढ़ें: iPhone का ये पार्ट होता है सबसे महंगा, जानें इसमें क्या है खास और क्यों है इसकी कीमत इतनी हाई-फाई?