विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप-सी में मुंबई और पंजाब के बीच खेले गए मुकाबले में दर्शकों को आखिरी गेंद तक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. इस मैच में जहां मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान ने एक ओवर में बाउंड्री की बरसात कर दी, वहीं मुंबई की टीम को अंतिम पल में हार का सामना करना पड़ा. इस मैच ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि क्रिकेट में जीत और हार सिर्फ आखिरी ओवरों में ही नहीं, बल्कि हर पल में बदल सकते हैं.
सरफराज खान की धमाकेदार बैटिंग
विजय हजारे ट्रॉफी में सरफराज खान ने अपनी बल्लेबाजी से सबको हैरान कर दिया. उन्होंने पंजाब के कप्तान अभिषेक शर्मा के एक ओवर में 6,4,6,4,6,4 लगाकर 30 रन बटोरे. इस तूफानी बल्लेबाजी ने न केवल मैदान पर रोमांच भर दिया, बल्कि उनकी बल्लेबाजी की गति को देख कर चयनकर्ताओं को भी कड़ा संदेश दिया.
इसके अलावा, सरफराज ने अपनी पारी में 20 गेंदों में 62 रन बनाए और विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया. उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जिससे बड़ौदा के अतित शेठ का 2020-21 में बनाए गए 16 गेंदों के रिकॉर्ड को तोड़ा.
मुंबई की हार, सूर्यकुमार और दुबे की विफलता
हालांकि सरफराज की तूफानी बल्लेबाजी के बावजूद मुंबई को हार का सामना करना पड़ा. मुंबई के कप्तान श्रेयस अय्यर ने 45 रन की पारी खेली, लेकिन उनकी टीम ने 215 रन तक पहुंचते-पहुंचते अपने आखिरी छह विकेट खो दिए. सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे जैसे बड़े नाम भी इस मैच में पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए. सूर्यकुमार केवल 15 रन बना सके, वहीं शिवम दुबे 12 रन बनाकर पवेलियन लौटे. इन दोनों की नाकामी ने मुंबई की हार में बड़ा योगदान दिया.
पंजाब की गेंदबाजी रही शानदार
पंजाब की गेंदबाजी भी शानदार रही, जहां गुरनूर बराड़ और मयंक मारकंडे ने चार-चार विकेट लेकर मुंबई के बल्लेबाजों को परेशान किया. इनके अलावा, कृष भगत और हरनूर सिंह ने एक-एक विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई.
क्वार्टर-फाइनल में दोनों टीमें
मुंबई और पंजाब दोनों ने इस जीत के साथ क्वार्टर-फाइनल में प्रवेश कर लिया है. पंजाब ने इस मैच में अपनी शानदार गेंदबाजी से एक बड़ा स्कोर बनाए रखा, जबकि मुंबई को अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी पर ध्यान देने की जरूरत होगी.
अभिषेक शर्मा का फ्लॉप प्रदर्शन
इस मैच में पंजाब के कप्तान अभिषेक शर्मा भी बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए और केवल आठ रन ही बना सके. अन्य बल्लेबाजों में अनमोलप्रीत सिंह ने 57 रन और रमनदीप सिंह ने 72 रन की शानदार पारी खेली. हालांकि, पंजाब का स्कोर 216 रन तक ही सीमित रहा.
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