टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता सतीश शाह ने शनिवार दोपहर हमें अलविदा कह दिया. 74 वर्ष की उम्र में किडनी फेलियर के कारण उनका निधन हुआ. ‘जाने भी दो यारों’, ‘मैं हूं ना’, ‘कल हो ना हो’ और ‘फना’ जैसी फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय और टाइमिंग से सतीश ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी.
सतीश शाह का करियर और शुरुआती दिन
सतीश ने फिल्म ‘भगवान परशुराम’ से अपने करियर की शुरुआत की. उन्हें पहला बड़ा किरदार 1981 में आई फिल्म ‘उमराव जान’ में मिला. इसके बाद 1983 में ‘जाने भी दो यारों’ में कमिश्नर डिमेलो का किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर अपनी पहचान बनाई. शुरुआती दौर में सतीश ने मुख्य रूप से चरित्र और सहायक भूमिकाओं में काम किया.
90 के दशक में हास्य भूमिकाओं की पहचान
90 के दशक में सतीश शाह ने फिल्मों में हास्य किरदारों से दर्शकों का दिल जीता. ‘हम आपके हैं कौन’, ‘अकेले हम अकेले तुम’, ‘जुड़वा’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘घरवाली-बाहरवाली’ और ‘अनाड़ी नंबर वन’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग का जादू बिखेरा. शाहरुख, सलमान और आमिर खान जैसी बड़ी हस्तियों के साथ उन्होंने कई फिल्में कीं. उनकी आखिरी फिल्म 2014 में आई ‘हमशक्ल्स’ थी.
टीवी ने दी सतीश शाह को असली पहचान
सतीश शाह ने टीवी के माध्यम से अपनी असली पहचान बनाई. ‘घर जमाई’ और ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ जैसे शो उनके करियर की सबसे यादगार कृतियां रहे. इसके अलावा ‘कॉमेडी सर्कस’ में बतौर जज भी उन्होंने अपनी काबिलियत दिखाई. अर्चना पूरन सिंह के साथ जज की कुर्सी पर बैठकर उन्होंने टैलेंटेड कॉमेडियन्स को मंच प्रदान किया.
पुरस्कार और सम्मान
सतीश शाह के योगदान को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ के लिए उन्हें इंडियन टेली एकेडमी अवॉर्ड में बेस्ट कॉमिक एक्टर का पुरस्कार मिला. इसके अलावा उन्हें इंडियन टैली अवॉर्ड से भी नवाजा गया. उनके इस लंबे और प्रभावशाली करियर ने उन्हें दर्शकों और उद्योग के बीच अमिट छवि दी.
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