ईरान या सऊदी... 2025 में किस देश में दी गई सबसे ज्यादा मौत की सजा, आंकड़े जानकर रह जाएंगे दंग

साल 2025 में दुनिया के कई मुस्लिम देशों में मौत की सजा को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं. खासकर ईशनिंदा, नशीले पदार्थों के व्यापार और अन्य गंभीर अपराधों के लिए दी जाने वाली मौत की सजा ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है.

Saudi Arabia Iran Which country gave the most death penalties in 2025
Meta AI

साल 2025 में दुनिया के कई मुस्लिम देशों में मौत की सजा को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं. खासकर ईशनिंदा, नशीले पदार्थों के व्यापार और अन्य गंभीर अपराधों के लिए दी जाने वाली मौत की सजा ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है. इन देशों में सऊदी अरब, ईरान और अफगानिस्तान ने इस साल सबसे ज्यादा फांसी की सजा दी है. आइए जानते हैं कि इन तीनों देशों में किस देश में सबसे ज्यादा मौत की सजा दी गई और इसके पीछे क्या कारण रहे.

ईरान में सबसे ज्यादा मौत की सजा

ईरान ने 2025 में कम से कम 1,500 लोगों को फांसी दी, जो एक रिकॉर्ड है. नॉर्वे स्थित संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने गुरुवार को यह आंकड़ा जारी किया. इसके निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दम ने इस पर चिंता जताई और इसे पिछले 35 सालों का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया. इसके पहले साल 2024 में 975 लोगों को मौत की सजा दी गई थी. इन फांसी की सजाओं में से अधिकांश मामले ड्रग्स के अपराधों से जुड़े थे, जिनमें करीब 700 लोग ड्रग्स से संबंधित अपराधों में दोषी पाए गए थे.

फांसी की सजा में अचानक उछाल

2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद से ईरान में फांसी की सजा में तेजी से वृद्धि देखी गई. 2022 में जहां 500 से ज्यादा लोगों को फांसी दी गई, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 800 के पार पहुंच गई. 2024 में यह आंकड़ा 975 तक पहुंचा और 2025 में 1,500 के आंकड़े को पार कर गया. इस बढ़ते आंकड़े से यह स्पष्ट है कि ईरान में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के बाद फांसी की सजा की संख्या में काफी वृद्धि हुई है.

सऊदी अरब: मौत की सजा की एक और रिकॉर्ड संख्या

2025 में सऊदी अरब में भी फांसी की सजा का आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा. इस साल सऊदी अरब में 356 लोगों को मौत की सजा दी गई, जो कि अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. सऊदी अरब में इन फांसी की सजाओं का बड़ा हिस्सा ड्रग्स से संबंधित अपराधों से जुड़ा था, जिसमें 243 लोग शामिल थे. पिछले साल यानी 2024 में सऊदी अरब में 338 मौत की सजा दी गई थी. इन फांसी की सजा के साथ सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बावजूद अपनी सजा-ए-मौत की नीति को बरकरार रखा है.

अफगानिस्तान में सीमित संख्या में मौत की सजा

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के अधीन 2025 में छह लोगों को फांसी दी गई. तालिबानी अदालतों ने सार्वजनिक रूप से 1,118 लोगों को सजा दी, जिनमें मुख्य रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी, चोरी, समलैंगिक संबंध, और अन्य ग़ैर-इस्लामी कृत्यों के आरोप थे. तालिबान के प्रवक्ता ने बताया कि ये फांसी फराह, निमरोज, बदख्श और खोस्त प्रांतों में अदालतों के आदेश पर दी गईं. इन सजाों को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बार-बार विरोध जताया है, खासतौर पर सार्वजनिक कोड़े मारने की घटनाओं को लेकर आलोचनाएं की हैं.

मौत की सजा पर वैश्विक प्रतिक्रियाएँ

मौत की सजा पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगातार आलोचनाएं जारी हैं. कई देशों ने इन सजा-ए-मौत की प्रथाओं को मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए इसे खत्म करने की अपील की है. हालांकि, इन तीन देशों के लिए यह सजा-ए-मौत की प्रक्रिया सालों से एक अहम हिस्सा रही है और इन देशों में इसे अपराधों का सख्त इलाज मानकर जारी रखा गया है.

ये भी पढ़ें: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का पलटवार, याद दिलाई 46 साल पहले की कहानी; जानें पूरा मामला