मिसाइलें, लड़ाकू विमान... सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में कौन ज्यादा शक्तिशाली? यहां जानें सबकुछ

सऊदी अरब ने मंगलवार को यमन के मुकल्ला शहर पर हवाई हमला किया, जिसका दावा है कि वहां एक अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के लिए हथियारों की खेप लाई जा रही थी.

Saudi Arabia vs UAE Military Power Yemen Mukalla attack Middle East conflict
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Saudi Arabia vs UAE Military Power: मध्य-पूर्व में हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं, खासकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रिश्तों में बढ़ते मतभेदों के चलते. सऊदी अरब ने मंगलवार को यमन के मुकल्ला शहर पर हवाई हमला किया, जिसका दावा है कि वहां एक अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के लिए हथियारों की खेप लाई जा रही थी. यह हमला सिर्फ यमन युद्ध में बढ़ते तनाव का प्रतीक नहीं है, बल्कि सऊदी और यूएई के बीच उभरते मतभेदों को भी उजागर करता है.

सऊदी अरब का दावा: UAE पर आरोप

सऊदी अरब के मुताबिक, हमले का कारण यमन के दक्षिणी हिस्से में स्थित मुकल्ला बंदरगाह पर पहुंचे दो संदिग्ध जहाज थे, जो यूएई के फुजैरा पोर्ट से आए थे. इन जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम बंद थे, जिससे सऊदी को उन पर संदेह हुआ. उनका आरोप है कि इन जहाजों पर हथियार और सैन्य वाहन लोड किए जा रहे थे, जिन्हें STC को सौंपा जाना था. सऊदी अरब ने इन हथियारों को यमन में शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है.

सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC): यमन के लिए क्या मतलब?

STC, यमन का एक अलगाववादी संगठन है, जो दक्षिणी यमन को अलग देश बनाने की मांग करता है. सऊदी अरब और यूएई दोनों ही यमन युद्ध में लंबे समय तक सहयोगी रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में दोनों के हित अलग-अलग हो गए हैं. सऊदी अरब यमन में एकजुट सरकार चाहता है, जबकि यूएई पर दक्षिणी अलगाववादियों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं.

यूएई का जवाब: आरोपों को किया खारिज

यूएई ने सऊदी अरब के आरोपों को खारिज कर दिया है. अबू धाबी ने इसे निराशाजनक और चौंकाने वाला बयान बताया और कहा कि ऐसे वक्त में क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए संयम और जिम्मेदारी से काम लिया जाना चाहिए. यूएई ने साफ कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का आधार ठोस तथ्यों पर होना चाहिए, और यमन संकट का हल सैन्य नहीं, बल्कि बातचीत और राजनीतिक प्रक्रिया से निकल सकता है.

सऊदी और यूएई के बीच कौन है ताकतवर?

सऊदी अरब और यूएई दोनों ही मिडिल ईस्ट में सैन्य शक्ति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन दोनों की सैन्य ताकत में काफी फर्क है.

सऊदी अरब की सैन्य ताकत

सऊदी अरब मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति मानी जाती है. 2025 की ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के अनुसार, सऊदी अरब 145 देशों में 24वें स्थान पर है. इसके पास लगभग 1.9 करोड़ सैन्य योग्य आबादी है, जिसमें से 2.57 लाख सैनिक सक्रिय हैं. सऊदी की सेना को विभिन्न खतरों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है और इसकी हवाई ताकत सबसे मजबूत मानी जाती है, जिसमें 917 सैन्य विमान शामिल हैं.

यूएई की सैन्य ताकत

यूएई हालांकि आकार में छोटा है, लेकिन इसकी सेना अत्यधिक आधुनिक है. 2025 की मिलिट्री पावर रैंकिंग में यूएई 50वें स्थान पर है और इसके पास 65,000 सक्रिय सैनिक हैं. यूएई की सबसे बड़ी ताकत उसकी हाई-टेक वायुसेना और मिसाइल डिफेंस क्षमता है, जिसमें आधुनिक फाइटर जेट और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं. हालांकि, यूएई परमाणु हथियारों से लैस नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से अमेरिका पर निर्भर है.

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