UP News: जैसे-जैसे उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है, खासकर उत्तर प्रदेश में शीतलहर और कोहरे ने लोगों को परेशान कर दिया है. ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, कानपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में प्रशासन ने कुछ जरूरी कदम उठाए हैं. कानपुर में स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है, वहीं वाराणसी में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है.
कानपुर में शीतलहर के कारण स्कूलों की छुट्टी
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में ठंड और कोहरे के कारण प्रशासन ने स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है. जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि 19 और 20 दिसम्बर को सभी कक्षा के स्कूलों को बंद किया जाएगा. इस आदेश के अनुसार, कानपुर में 12वीं तक के सभी स्कूल इन दो दिनों तक बंद रहेंगे. यह कदम छात्रों की सुरक्षा और ठंड से बचाव के लिए उठाया गया है, ताकि वे ठंड से प्रभावित न हों और किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का सामना न करना पड़े.
वाराणसी में स्कूलों का समय बदला
वहीं, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी ठंड के कारण प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है. जिलाधिकारी के आदेश के तहत, अब शहर में 12वीं तक के स्कूल सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे. यह बदलाव 19 दिसम्बर 2025 से लेकर अगले आदेश तक लागू रहेगा. यह समय परिवर्तन ठंड से बचाव के लिए छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है.
लखनऊ और अन्य जिलों में भी बदलाव
इससे पहले, राजधानी लखनऊ में भी अत्यधिक ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था. आदेश के अनुसार, 12वीं तक के स्कूलों को सुबह 9 बजे खोला जाएगा. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में भी शीतलहर को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों का संचालन समय बदल दिया गया है. अब इन स्कूलों के संचालन का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा. यह कदम बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे सर्दी के प्रभाव से बच सकें.
क्यों लिया गया यह कदम?
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ठंड और कोहरे का प्रभाव बढ़ने के कारण प्रशासन ने यह कदम उठाए हैं. सर्दी से बचाव के लिए यह जरूरी था कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे स्कूल आते-जाते वक्त किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या का सामना न करें. ठंड से बचाव के लिए प्रशासन ने समय बदलने या स्कूलों को बंद करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे बच्चों को ठंड से होने वाली समस्याओं से बचाया जा सके.
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