शहबाज-मुनीर का हाल बेहाल! TTP ने खैबर पख्तूनख्वा में मचाई तबाही, मार गिराए इतने पाकिस्तानी जवान

TTP Ambush In Pakistan: पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा एक बार फिर गंभीर चुनौती के दौर से गुजर रही है. खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में हुआ ताज़ा आतंकी हमला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आतंकवादी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की गतिविधियां न सिर्फ बढ़ी हैं, बल्कि उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है.

Shahbaz-Munir TTP created havoc in Khyber Pakhtunkhwa killed so many Pakistani soldiers
Image Source: Social Media/X

TTP Ambush In Pakistan: पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा एक बार फिर गंभीर चुनौती के दौर से गुजर रही है. खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में हुआ ताज़ा आतंकी हमला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आतंकवादी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की गतिविधियां न सिर्फ बढ़ी हैं, बल्कि उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है.

मंगलवार को हुए इस घातक हमले में पाकिस्तान के अर्धसैनिक बलों के 11 जवान, जिनमें दो अधिकारी भी शामिल थे, शहीद हो गए. जवाबी कार्रवाई में सेना ने ऑरकज़ई जिले में अभियान चलाकर 19 आतंकियों को मार गिराया है. हालांकि इस पूरी घटना ने शहबाज सरकार और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की नीतियों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

रणनीति के तहत रची गई घात

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, यह हमला पूर्व-नियोजित और रोक साइड बम तथा घात लगाकर की गई गोलीबारी का मिश्रण था. आतंकियों ने पहले विस्फोट कर काफिले को निशाना बनाया, फिर बचाव में जुटे जवानों पर भारी हथियारों से हमला कर दिया. इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने ली है.

ऑरकज़ई में सेना का जवाब, 19 आतंकवादी मारे गए

घटना के बाद पाकिस्तानी सेना ने रात में ही खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की. सेना के प्रवक्ता के अनुसार, ऑरकज़ई जिले में आतंकियों के एक ठिकाने पर छापा मारकर 19 आतंकियों को ढेर किया गया. यह क्षेत्र टीटीपी के मजबूत गढ़ों में गिना जाता है और कुर्रम जिले के नजदीक स्थित है.

टीटीपी की बढ़ती गतिविधियां, सरकार के लिए बड़ी चुनौती

टीटीपी, जो अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों से वैचारिक रूप से जुड़ा हुआ है, पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हमले कर रहा है. संगठन का उद्देश्य पाकिस्तानी संविधान को हटाकर कट्टरपंथी इस्लामी शासन लागू करना है. पिछले महीने ही दक्षिण वजीरिस्तान में एक मुठभेड़ में 12 सैनिकों की मौत हुई थी, और अब कुर्रम में हुआ हमला टीटीपी के दुस्साहस को और उजागर करता है.

इस्लामाबाद-काबुल तनाव फिर से गर्म

पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह टीटीपी को अपनी ज़मीन का इस्तेमाल करने से नहीं रोक पा रहा है. लेकिन तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह अपनी ज़मीन को किसी भी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगी. हालांकि दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर विश्वास की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है.

यह भी पढ़ें- जिस AMRAAM मिसाइल की डील करने चला पाकिस्तान...कितनी खतरनाक? जानें ताकत