मोदी की देखादेखी कर रहा पाकिस्तान, भारत ने जिस सैन्य अड्डा को ध्वस्त किया था, वहां पहुंचे शहबाज शरीफ

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए पसरूर सैन्य छावनी का दौरा किया.

Shahbaz Sharif reached the military base which was demolished by India
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- FreePik

इस्लामाबाद: भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है. एक ओर जहां पाकिस्तान की जनता सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए पसरूर सैन्य छावनी का दौरा किया. यह वही जगह है जिसे भारतीय वायुसेना ने हाल ही में की गई जवाबी कार्रवाई में लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था.

हालांकि दौरे के दौरान जारी की गई तस्वीरें और वीडियो काफी कुछ छुपाती नजर आईं — न क्षतिग्रस्त बंकर दिखे, न रनवे के मलबे की झलक. शहबाज शरीफ को टैंक पर खड़े होकर भारत के खिलाफ बयानबाज़ी करते देखा गया, लेकिन पृष्ठभूमि में सैन्य अड्डे के बर्बाद ढांचे की बजाय कैमरे ज़मीन की ओर या सिर्फ सैनिकों के चेहरों पर केंद्रित थे.

पसरूर: अब सिर्फ एक ‘नाम’

लाहौर से 130 किलोमीटर दूर स्थित पसरूर छावनी कभी पाकिस्तान का एक सक्रिय और रणनीतिक सैन्य अड्डा हुआ करता था. लेकिन 6-7 मई 2025 की दरमियानी रात जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, तो इस बेस को सबसे पहले निशाना बनाया गया.

भारत के सटीक निर्देशित हथियारों ने यहां के रडार केंद्र, हैंगर, और फ्यूल डिपो को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया. अब वहां बचा है तो सिर्फ टूटे ढांचे, जली हुई गाड़ियां और बिखरे मलबे का एक मूक दृश्य — जिसे पाकिस्तान सरकार शायद दुनिया की नजरों से छिपाना चाहती है.

दिखावा या जवाबी रणनीति?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पसरूर छावनी में सैनिकों से मुलाकात की और उन्हें “भारत के खिलाफ डटे रहने” का आह्वान किया. उन्होंने कहा: “हम किसी भी हमले से डरने वाले नहीं. पाकिस्तान की सेना ने पहले भी जवाब दिया है, आगे भी देगी. भारत को हमारी एकता की ताकत समझनी होगी.”

लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह भाषण घावों पर मरहम से ज्यादा, अंदरूनी दबाव से उपजी मजबूरी थी. दरअसल, पाकिस्तान में विपक्ष, मीडिया और सेना के वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारियों के बीच अब इस बात पर बहस तेज हो गई है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर हुए नुकसान का जवाब क्यों नहीं दिया गया.

भारत का ऑपरेशन सिंदूर

भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ जवाबी हमला नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक संदेश था—आतंक के हर ठिकाने को जड़ से खत्म करना. इस ऑपरेशन में:

  • 9 आतंकी ठिकानों को मारा गया
  • 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए
  • पाकिस्तान के रडार सिस्टम और एयरबेस जैसे संवेदनशील सैन्य ढांचे तबाह कर दिए गए

विशेष रूप से पसरूर, सियालकोट, रफीकी और रहीम यार खान जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ, जिनकी उपग्रह से ली गई तस्वीरें अब ग्लोबल मीडिया की सुर्खियां बन रही हैं.

छवि सुधारने की कोशिश या अंतरराष्ट्रीय दबाव?

शहबाज शरीफ के इस दौरे को कई विश्लेषक पाकिस्तान की एक छवि प्रबंधन रणनीति मान रहे हैं. भारत के हमले के बाद जहां संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, रूस, और चीन जैसी वैश्विक ताकतों ने पाकिस्तान को संयम बरतने की सलाह दी है, वहीं आंतरिक मोर्चे पर सरकार की आलोचना तेज हो गई है.

ऐसे में पसरूर का दौरा एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है — जिससे यह दिखाया जा सके कि नेतृत्व अभी भी “मौजूद और सक्रिय” है, भले ही हालात हाथ से निकल चुके हों.

आगे कहां जाएंगे शहबाज शरीफ?

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, आने वाले दिनों में शहबाज शरीफ:

पाकिस्तानी वायुसेना के ठिकानों, नौसेना प्रतिष्ठानों और बलूचिस्तान में सक्रिय सैन्य ठिकानों का दौरा करेंगे. वे सैन्य अधिकारियों से बातचीत कर “रणनीतिक समीक्षा” करेंगे और जनता को विश्वास दिलाने की कोशिश करेंगे कि पाकिस्तान अब भी मुकाबला करने में सक्षम है.

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