Shahrukh Khan On Delhi Blast: ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 का आयोजन इस वर्ष बेहद खास रहा, क्योंकि इस मंच पर देश के मशहूर अभिनेता और वैश्विक स्तर पर सम्मानित भारतीय आइकन शाहरुख खान ने उपस्थिति दर्ज कराई. कार्यक्रम में आते ही उन्होंने न केवल अपनी मौजूदगी से माहौल को ऊर्जा से भर दिया, बल्कि अपने शब्दों से शांति, एकता और मानवता का ऐसा संदेश दिया जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं.
यह समारोह उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करता है जो समाज में शांति, सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में योगदान देते हैं. ऐसे मंच पर शाहरुख खान का संबोधन स्वाभाविक रूप से लोगों के बीच बड़ी रुचि का विषय बना.
#WATCH | Mumbai | At the Global Peace Honours 2025, Superstar Shah Rukh Khan says, "My humble tribute to the innocent people who lost their lives in the 26/11 terrorist attack, the Pahalgam terrorist attack, and the recent Delhi blasts and my respectful salute to our brave… pic.twitter.com/XQtJp0pm1I
— ANI (@ANI) November 22, 2025
शहीदों और पीड़ितों को याद कर भावुक हुए शाहरुख
अपने संबोधन में शाहरुख खान ने भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों के शहीदों और पीड़ितों को याद किया. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ सिर्फ लोगों की जान नहीं लेतीं, बल्कि एक देश की आत्मा पर गहरी चोट करती हैं.
26/11 मुंबई हमले का ज़िक्र
शाहरुख ने 26/11 की रात को याद करते हुए कहा कि वह घटना भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक त्रासदियों में से एक थी. उन्होंने कहा कि उस रात ने न सिर्फ मुंबई, बल्कि पूरे देश को हिला दिया था. जिन्होंने अपनों को खोया, उनके लिए आज भी वो दर्द वैसा ही है.
पहलगाम और दिल्ली धमाकों का भी किया उल्लेख
उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम और दिल्ली के धमाकों ने देश की सामूहिक स्मृति पर गहरा असर छोड़ा है. इन हमलों ने देश की सुरक्षा में लगे जवानों के त्याग, उनकी बहादुरी और आम लोगों की पीड़ा को एक बार फिर याद दिलाया.
शाहरुख खान की प्रेरक पंक्तियाँ
कार्यक्रम के दौरान शाहरुख खान ने कुछ पंक्तियाँ पढ़ीं, जिनमें सेना और सुरक्षा बलों के साहस तथा उनके समर्पण को सलाम किया गया था. ये पंक्तियाँ वहां मौजूद लोगों के दिलों को छू गईं, "जब कोई पूछे तुमसे कि क्या करते हो, तो सीना ठोककर कहना, मैं देश की रक्षा करता हूँ. पूछे अगर कोई कि कितना कमा लेते हो, तो मुस्कुराकर कहना, 140 करोड़ लोगों की दुआएँ कमा लेता हूँ. और अगर कोई पूछे कि डर नहीं लगता? तो उसकी आँखों में देखकर कहना, जो हम पर हमला करते हैं, उन्हें लगता है."
इन शब्दों ने हर उस परिवार, हर उस सैनिक और हर उस नागरिक की भावनाओं को आवाज़ दी जो देश की सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार रहता है.
नफरत नहीं, मानवता चुनने की अपील
अपने भाषण के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से में शाहरुख ने लोगों से अपील की कि वे नफरत और हिंसा को त्यागकर एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सहनशीलता और सम्मान को बढ़ावा दें. उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब उसके लोग एक-दूसरे को समझें और एकजुट होकर आगे बढ़ें.
जाति, धर्म और भाषा की दीवारें तभी टूटेंगी जब हम इंसानियत को सबसे ऊपर रखेंगे. देश की शांति उन्हीं नायकों की वजह से कायम है जो बिना किसी उम्मीद के हमारी रक्षा करते हैं, इसलिए उनकी शहादत कभी व्यर्थ नहीं जानी चाहिए.
सोशल मीडिया पर शाहरुख की जमकर तारीफ
जैसे ही कार्यक्रम का वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों ने शाहरुख खान की खूब प्रशंसा की. कई लोगों ने लिखा कि यह वही आवाज है जिसकी आज के समय में दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत है. उनके संदेश को कई सार्वजनिक हस्तियों, सैन्य अधिकारियों और आम लोगों ने शेयर करते हुए इसे “शांति और एकता का सबसे सार्थक संदेश” बताया.
ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 में शाहरुख की उपस्थिति बनी चर्चा का केंद्र
यह आयोजन वैसे तो हर साल अपनी अलग पहचान रखता है, लेकिन इस वर्ष शाहरुख खान का भाषण इसे खास बनाता है. उनके संदेश ने यह याद दिलाया कि कलाकार सिर्फ मनोरंजन की दुनिया का हिस्सा नहीं होते, बल्कि समाज में सकारात्मकता और प्रेरणा लाने की क्षमता भी रखते हैं.
शाहरुख खान का यह संबोधन लंबे समय तक याद रखा जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो मानते हैं कि दुनिया को आगे बढ़ाने वाली शक्ति प्यार और मानवता ही है.