Amit Shah: बिहार की चुनावी सरगर्मी के बीच गुरुवार (6 नवंबर 2025) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें सेना के जवानों की जाति और धर्म पूछने की बात कहने पर ‘शर्म आनी चाहिए’.
मधुबनी, पश्चिम चंपारण और मोतिहारी में रैलियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ‘अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए’ देश की नौकरियां छीन रहे हैं और भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का नहीं, बल्कि राज्य को घुसपैठियों से मुक्त करने की लड़ाई है.
राहुल गांधी पर सीधा हमला
अमित शाह ने कहा, “राहुल गांधी को सेना के जवानों की जाति और धर्म जानने की बात करने पर शर्म आनी चाहिए. हमारी सेना देश की सुरक्षा के लिए है, न कि किसी जाति या धर्म के लिए.”
दरअसल, राहुल गांधी ने दो दिन पहले बिहार में एक जनसभा के दौरान कहा था कि “पिछड़ी जातियों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का सेना, न्यायपालिका और नौकरशाही में बहुत कम प्रतिनिधित्व है, जबकि 10 प्रतिशत लोग इन संस्थानों पर हावी हैं.” शाह ने इस बयान को “देश की सेना का अपमान” बताया.
राजद पर ‘जंगलराज’ और अपराध का आरोप
शाह ने अपने भाषण में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजद के शासनकाल में हत्या, नरसंहार और बलात्कार जैसी घटनाएं आम बात थीं.
उन्होंने कटाक्ष किया, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मखाना बोर्ड’ बनाया, लेकिन अगर लालू एंड कंपनी वापस सत्ता में आई तो वे ‘घुसपैठिया घुसाओ बोर्ड’ बनाएंगे.” शाह का कहना था कि बिहार को फिर से ‘जंगलराज’ में धकेलने की साजिश चल रही है, और इसे रोकने का काम केवल मोदी-नीतीश की जोड़ी ही कर सकती है.
महागठबंधन पर ‘ठगबंधन’ का तंज
गृह मंत्री ने कहा कि अगर महागठबंधन (राजद-कांग्रेस) सत्ता में आया तो चंपारण ‘मिनी चंबल’ में बदल जाएगा. उन्होंने कहा कि बिहार ने कभी भ्रष्टाचार और आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाई थी, और अब वही बिहार कांग्रेस को फिर सत्ता में नहीं आने देगा.
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