बेशर्म पाकिस्तान! UNGA में पाकिस्तान की झूठी बयानबाज़ी, ट्रंप की तारीफ में चाटुकारिता की हदें पार

Shahbaz Sharif UNGA Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश की प्राथमिकताओं को स्पष्ट शब्दों में रखते हुए कहा,  सुरक्षा को सर्वोपरि माना जाना चाहिए, विवादों का हल बातचीत और अंतरराष्ट्रीय न्याय के जरिए ही किया जाना चाहिए, और क्षेत्रीय समझौतों का सम्मान अनिवार्य है.

Shameless Pakistan false statements at the UNGA praise of Trump crossed all limits of sycophancy
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Shahbaz Sharif UNGA Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश की प्राथमिकताओं को स्पष्ट शब्दों में रखते हुए कहा,  सुरक्षा को सर्वोपरि माना जाना चाहिए, विवादों का हल बातचीत और अंतरराष्ट्रीय न्याय के जरिए ही किया जाना चाहिए, और क्षेत्रीय समझौतों का सम्मान अनिवार्य है. उन्होंने अपने भाषण में कश्मीर, सीमा घटनाओं, अंतरराष्ट्रीय दखलअंदाज़ी तथा सिंधु जल संधि से जुड़े मसलों पर पाकिस्तान का रुख दोहराया और कुछ मामलों में दुनिया से समर्थन भी माँगा.

शाहबाज ने कहा कि आज के भू-राजनीतिक माहौल में पाकिस्तान जैसे देशों के लिए अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है. उनके शब्दों में, “कई देशों का साथ मिलकर काम करना जरूरी हो गया है.” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की विदेश नीति शांति, सम्मान और बातचीत पर आधारित है और वह विवादों को समझदारी से सुलझाने की वकालत करता है.

कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख

शाहबाज ने फिर से यह ज़ोर दिया कि कश्मीर मसले का समाधान संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में, निष्पक्ष व्यवस्था के तहत और कश्मीरी लोगों को आत्म-निर्णय का अधिकार देते हुए ही होना चाहिए, यह वही तर्क है जिसे पाकिस्तान वर्षों से दोहराता आया है. उन्होंने यह भी माना कि भारत पहले भी इस तरह की टिप्पणियों का खंडन कर चुका है और भारत का कहना रहा है कि जम्मू‑कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है.

सीमा घटनाओं और पहलगाम हमले को लेकर बयान

शाहबाज ने गत वर्ष और इस वर्ष की सीमा घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मई में पाकिस्तान की पूर्वी सीमाओं पर एक “बिना वजह” हमला हुआ था और पाकिस्तानी सेनाओं ने “मजबूती से जवाब” देते हुए दुश्मन को पीछे धकेला. उन्होंने इस श्रृंखला में पहलगाम हमले की स्वतंत्र जांच की माँग दोहराई और कहा कि पाकिस्तान ने अपने बचाव के अधिकार के तहत कार्रवाई की, जिसे उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के नियमों के संदर्भ में सही बताया. उनके भाषण के अनुसार, पाकिस्तान ने अमेरिकी मध्यस्थता से युद्धविराम स्वीकार किया और उन्होंने इस पर अमेरिका, विशेषकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, का आभार जताया, इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित भी किया है.

अंतरराष्ट्रीय समर्थन और क्षेत्रीय शांति की अपील

शाहबाज ने चीन, तुर्की, सऊदी अरब, कतर, अजरबैजान, ईरान, यूएई और संयुक्त राष्ट्र का भी शुक्रिया अदा किया कि वे पाकिस्तान के साथ खड़े रहे. उनका कहना था कि अब प्राथमिक लक्ष्य इस इलाके में स्थायी शांति स्थापित करना है और पाकिस्तान बातचीत के लिए खुले हाथ दिखा रहा है. उन्होंने कहा, “हमें ऐसे नेता चाहिए जो बात करें, लड़ाई नहीं बढ़ाएं.” 

सिंधु जल संधि पर कड़ा रुख

एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में शाहबाज ने आरोप लगाया कि भारत ने सिंधु जल संधि पर एकतरफा कदम उठाया है, जिसे उन्होंने अवैध और समझौते के विरुद्ध बताया. उन्होंने चेताया कि यह कदम दक्षिण एशिया में शांति की राह को कठिन बनाता है और पाकिस्तान ने इसे अपने 2.4 करोड़ लोगों के पानी के अधिकार से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए किसी भी तरह के उल्लंघन को “युद्ध जैसा गंभीर” माना है. पाकिस्तान ने दोहराया कि वह अपने लोगों के जल अधिकारों की पूर्ण रक्षा करेगा.

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