अनिल अंबानी की कंपनी का शेयर आज 19% चढ़ा, रिलायंस पावर को मिला भूटान का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट

रिलायंस पावर एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार वजह है एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी.

Shares of Anil Ambanis company Reliance Power rose 19% today
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

मुंबई: रिलायंस पावर एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार वजह है एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी. भूटान में अब तक का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट हासिल करने के बाद कंपनी के शेयर ने शुक्रवार को 19% तक की तेज़ छलांग लगाई, जिससे यह ₹53.10 के नए डे-हाई पर पहुंच गया. कारोबार के अंत में शेयर ₹51.33 पर बंद हुआ.

रिलायंस पावर का नया अध्याय

चार दिन पहले, रिलायंस पावर ने भूटान सरकार के साथ 500 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए हाथ मिलाया. इस प्रोजेक्ट को ड्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (DHI) की ग्रीन डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड (GDL) के साथ 50:50 साझेदारी में डेवलप किया जाएगा. लागत अनुमानित ₹2,000 करोड़ है.

यह परियोजना न केवल भूटान में अब तक का सबसे बड़ा सौर प्रोजेक्ट होगी, बल्कि यह निजी क्षेत्र द्वारा किए गए सबसे बड़े विदेशी निवेश (FDI) में भी शामिल होगी.

टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ता कदम

रिलायंस पावर का दावा है कि यह प्रोजेक्ट उसे भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कंपनी बनने की दिशा में मजबूती से आगे ले जाएगा. प्रोजेक्ट की बिजली ग्रीन डिजिटल को लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट के तहत बेची जाएगी.

कंपनी ने प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदारों की खोज भी शुरू कर दी है. 24 महीनों में इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है.

शेयर ने किया निवेशकों को मालामाल

शेयर मार्केट में कंपनी का प्रदर्शन भी उतना ही प्रभावशाली रहा है:

  • पिछले 5 दिनों में: 11% की तेजी
  • एक महीने में: 18% की बढ़त
  • 6 महीने में: 48% का उछाल
  • एक साल में: 95% की शानदार बढ़त

वर्तमान में रिलायंस पावर का मार्केट कैप ₹21,180 करोड़ से अधिक हो चुका है.

एनयू एनर्जीज की जीत ने खोले नए रास्ते

रिलायंस पावर की सब्सिडियरी, रिलायंस एनयू एनर्जीज, ने हाल ही में SJVN की बिडिंग प्रक्रिया में बड़ी सफलता हासिल की. कंपनी को 350 MW सोलर उत्पादन और 175 MW/700 MWh की बैटरी स्टोरेज क्षमता वाला ऑर्डर मिला है.

यह कॉन्ट्रैक्ट भारत सरकार की ट्रांसपैरेंट बिडिंग व्यवस्था के तहत मिला है, जो साफ-सुथरे और प्रतिस्पर्धात्मक ऊर्जा प्रोजेक्ट एलोकेशन को बढ़ावा देता है.

घाटे से मुनाफे में बदली कहानी

FY25 की चौथी तिमाही में रिलायंस पावर ने ₹126 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी को ₹397.56 करोड़ का घाटा हुआ था.

तिमाही की कुल आय भले ही घटकर ₹2,066 करोड़ रही, लेकिन खर्चों में भारी कमी (₹2,615 करोड़ से घटकर ₹1,998 करोड़) ने कंपनी को लाभ की राह पर ला खड़ा किया.

रिलायंस ग्रुप की यह शाखा अब नए जोश में

रिलायंस पावर, अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप का अहम हिस्सा है, जो बिजली उत्पादन के क्षेत्र में कोयला, गैस, सौर, पवन और हाइड्रो स्रोतों के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज तक फैला हुआ है.

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