पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जोरदार जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. इस चुनाव में जेडीयू और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 202 सीटें हासिल कीं. अकेले भाजपा को 89 और जेडीयू को 85 सीटें मिलीं, जबकि गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने बाकी सीटें जीतीं. यह नतीजा बिहार की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है.
इस जीत ने उन सभी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जिन्होंने हाल ही तक बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन के खत्म होने की भविष्यवाणी की थी. चुनावी नतीजे यह दिखाते हैं कि नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति की नब्ज को बेहद सटीक तरीके से समझा और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरे.
शत्रुघ्न सिन्हा ने जताई खुशी, की खुलकर तारीफ
इस चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि टीएमसी सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने नीतीश कुमार और NDA नेतृत्व की खुलकर तारीफ की. बॉलीवुड के ‘शॉटगन’ के नाम से मशहूर सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि बिहार की जनता ने अपनी पसंद की सरकार का चुनाव किया है.
सिन्हा ने विशेष रूप से नीतीश कुमार की प्रशंसा की, जिन्हें उन्होंने भरोसेमंद, अनुभवी और सफल मुख्यमंत्री बताया. अपने संदेश में उन्होंने बिहार की जनता के चुनाव के सम्मान के साथ-साथ गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को भी बधाई दी और कहा कि यह जीत बिहार की राजनीति में एक मजबूत संदेश देती है.
पीएम मोदी के प्रति पूर्व स्नेह और राजनीतिक यात्रा
शत्रुघ्न सिन्हा ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी उनके जन्मदिन के मौके पर बधाई दी थी और पुरानी तस्वीर साझा कर याद दिलाई कि “एक बार के दोस्त हमेशा दोस्त होते हैं.”
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सिन्हा 1980 के दशक में भाजपा से जुड़े. उन्होंने 1990 में दिल्ली की न्यू दिल्ली सीट से पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. इसके बाद 1991 में भी उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की.
उनकी लोकप्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा के कारण उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद मिले. 2009 और 2014 में पटना साहिब से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल करने के बाद उनकी पार्टी में स्थिति मजबूत थी.
लगाई जा रही घर वापसी की अटकलें
हालांकि 2019 में पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद बढ़ने के कारण पटना साहिब से टिकट नहीं मिलने के बाद सिन्हा ने भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने का निर्णय लिया. 2024 के आम चुनाव में वह टीएमसी के टिकट पर आसनसोल से सांसद बने.
लेकिन अब बीते कुछ समय से उनकी भाजपा और एनडीए नेतृत्व की खुले तौर पर तारीफ करने की प्रवृत्ति ने राजनीतिक गलियारों में घर वापसी की अटकलें तेज कर दी हैं. विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में एनडीए की यह बड़ी जीत और नीतीश कुमार की लोकप्रियता को देखते हुए सिन्हा के लिए भाजपा में लौटने का अवसर रणनीतिक रूप से उपयुक्त हो सकता है.
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