नई दिल्ली: रेड सी (लाल सागर) एक बार फिर वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए संकट क्षेत्र बन गया है. हाल ही में यहां से गुजरने वाले कई जहाज़ों ने अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) प्रोफाइल्स में विशेष संदेश जोड़ना शुरू कर दिया है—जिनमें वे अपनी राष्ट्रीयता, चालक दल की संरचना और यहां तक कि धर्म की जानकारी भी साझा कर रहे हैं. इन संदेशों में लिखा जा रहा है कि जहाज़ पर "सभी क्रू सदस्य मुस्लिम हैं" या "सभी चीनी हैं", ताकि खुद को संभावित हमलों से सुरक्षित रखा जा सके.
यह स्थिति ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा नवंबर 2023 से शुरू किए गए हमलों के बाद बनी है, जिनका कहना है कि वे गाजा संघर्ष में फिलिस्तीन के समर्थन में यह कार्रवाई कर रहे हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में ही हूतियों ने दो जहाज़ों को निशाना बनाकर डुबो दिया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है.
हमलों से बचने के लिए असाधारण उपाय
शिपिंग कंपनियां अब सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं. कुछ जहाज़ों ने अपने प्रोफाइल्स में लिखा है:
इन संदेशों का उद्देश्य हमलावरों को यह दिखाना है कि जहाज़ किसी भी राजनीतिक या सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान दर्शाता है कि अब शिपिंग ऑपरेटर्स किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं ताकि जहाज़ और जान-माल सुरक्षित रह सके.
हूती विद्रोहियों की रणनीति और इंटेलिजेंस
सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि हूती विद्रोही बेहद संगठित और जानकारी-संपन्न रणनीति के साथ काम करते हैं. जिन दो जहाज़ों को इस हफ्ते निशाना बनाया गया, उनका पिछले एक साल में इज़राइली पोर्ट्स पर रुकने का रिकॉर्ड था.
मार्च 2024 में हूतियों ने एक चीनी संचालित टैंकर 'Huang Pu' पर भी हमला किया, जबकि उन्होंने पहले कहा था कि चीनी जहाज़ों को निशाना नहीं बनाएंगे. इससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है और किसी भी देश का जहाज़ खतरे में पड़ सकता है.
रूसी जहाज़ भी नहीं बचे
हूती विद्रोही रूसी व्यापारिक जहाज़ों को भी निशाना बना चुके हैं. बीमा कंपनी Aon की रिपोर्ट के अनुसार, रेड सी और बाब अल-मंदब स्ट्रेट अभी भी उच्च जोखिम वाले क्षेत्र हैं, भले ही कई देशों के बीच संघर्षविराम की कोशिशें जारी हों.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जहाज़ संचालकों को अपनी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखनी चाहिए और सुरक्षा उपायों को हालात के मुताबिक समय-समय पर अपडेट करना चाहिए.
व्यापार पर सीधा असर
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